लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक नई सुविधा जल्द शुरू होने जा रही है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और इसके उद्घाटन से पहले ही टोल दरों की घोषणा कर दी गई है। यह एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं से लैस है, लेकिन इसकी कीमत यात्रियों को चुकानी पड़ेगी। टोल दरों की बात करें तो इस एक्सप्रेसवे पर सफर करना मौजूदा हाईवे की तुलना में काफी महंगा होगा। कार चालकों को एक तरफ की यात्रा के लिए ₹275 देने होंगे, जबकि वापसी यात्रा के लिए ₹415 तय किए गए हैं। इसी तरह अन्य वाहनों के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं।
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वर्तमान में जो यात्री NH-27 का उपयोग करते हैं, वे ₹95 में यात्रा पूरी कर लेते हैं। लेकिन नए एक्सप्रेसवे पर यह लागत लगभग तीन गुना हो जाएगी। इस कारण से कई लोग सोच में पड़ गए हैं कि वे समय बचाएं या पैसे। हालांकि, समय की बचत इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा है। जहां पहले ट्रैफिक और दूरी के कारण 2.5 से 3 घंटे लगते थे, वहीं अब यह दूरी आधे से भी कम समय में तय की जा सकेगी। एक्सप्रेसवे की लंबाई 63 किलोमीटर है और यहां वाहन 120 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगे।
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यह परियोजना खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रोजाना इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करते हैं। व्यापार, शिक्षा और नौकरी के लिहाज से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लेकिन बढ़ती टोल दरें आम लोगों के लिए चिंता का विषय हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों के लिए समय की कीमत ज्यादा है, वे इस एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता देंगे, जबकि बजट को ध्यान में रखने वाले लोग पुराने हाईवे का इस्तेमाल जारी रखेंगे।
