नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से JDU पर संकट? बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव और भविष्य की चिंता

Nitish Kumar

पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दो दशक से राज्य की सत्ता की धुरी रहे नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवंबर 2005 के बाद यह दूसरा मौका है जब बिहार में नीतीश कुमार के अलावा कोई अन्य नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहा है। इससे पहले 2014 में जीतन राम मांझी को CM  बनाया गया था।

अब एक बार फिर सत्ता के केंद्र से नीतीश कुमार के हटने को “राजनीतिक पुनर्संरचना” के रूप में देखा जा रहा है। लोक भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या जेडीयू अब अपने सबसे बड़े चेहरे के बिना उसी मजबूती से आगे बढ़ पाएगी।

बीजेपी और एनडीए नेताओं का कहना है कि सरकार गठबंधन की है और उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन जमीनी स्तर पर सियासी माहौल में असमंजस साफ दिख रहा है।

JDU में नेतृत्व संकट की चर्चा तेज

JDU के भीतर लंबे समय से नेतृत्व को लेकर अस्थिरता की स्थिति रही है। पार्टी की स्थापना (2003) से अब तक नीतीश कुमार ही केंद्रीय चेहरा रहे हैं। झारखंड, अरुणाचल और मणिपुर जैसे राज्यों में विस्तार भी उन्हीं के नेतृत्व में हुआ, लेकिन दूसरी पंक्ति का मजबूत नेतृत्व खड़ा नहीं हो सका। समय-समय पर RCP  सिंह, प्रशांत किशोर, ललन सिंह, उपेंद्र कुशवाहा और मनीष वर्मा जैसे नामों को संभावित नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा गया, लेकिन कोई भी स्थायी रूप से पार्टी को दिशा नहीं दे सका।

समर्थकों में निराशा और भविष्य की चिंता

पटना में पार्टी कार्यालयों के आसपास बदलते राजनीतिक माहौल का असर साफ दिख रहा है। कुछ नेताओं का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद संगठन पर असर पड़ेगा और धीरे-धीरे असंतोष बढ़ सकता है। एक जेडीयू नेता के अनुसार, “आने वाले समय में कुछ लोग बीजेपी की ओर जा सकते हैं, जबकि वैचारिक रूप से जुड़े कार्यकर्ता पार्टी के साथ बने रहेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि JDU की सबसे बड़ी ताकत हमेशा नीतीश कुमार का “मध्यमार्गी मॉडल” रहा है, जिसने उन्हें कभी लालू प्रसाद यादव के साथ और कभी BJP के साथ गठबंधन करने की सुविधा दी।

विशेषज्ञों का कहना है कि नीतीश की सबसे बड़ी राजनीतिक विशेषता यही रही कि वे किसी एक वैचारिक धड़े तक सीमित नहीं रहे, जिससे उनकी स्वीकार्यता बनी रही। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने के बाद पार्टी के भीतर नई उम्मीदें जगी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नेतृत्व के विकल्प के रूप में पूरी तरह स्थापित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जेडीयू के सामने सबसे बड़ी चुनौती “सेकंड लाइन लीडरशिप” की कमी है, जो आने वाले समय में पार्टी के अस्तित्व और प्रभाव दोनों को प्रभावित कर सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों में इस बात पर मतभेद है कि यह जेडीयू के कमजोर होने की शुरुआत है या एक नए राजनीतिक पुनर्गठन का दौर। कुछ का मानना है कि बिहार की क्षेत्रीय राजनीति में खाली जगह लंबे समय तक नहीं रहती और कोई नया नेतृत्व जरूर उभरेगा। फिलहाल, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय खोल दिया है, जिसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर साफ दिखाई दे सकता है।


नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

 

Spread the love

One thought on “नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से JDU पर संकट? बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव और भविष्य की चिंता”

Comments are closed.

New York
International Politics

UN के तीन मंचों पर भारत ने दिया सतत विकास, ऊर्जा बदलाव पर जोर

शाश्वत तिवारी New York : संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत का मजबूत पक्ष प्रस्तुत करते हुए सतत विकास, ऊर्जा बदलाव और बहुपक्षवाद (मल्टीलेटरलिज्म) में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया है। न्यूयार्क में आयोजित अलग-अलग उच्चस्तरीय बैठकों में भारतीय प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि वैश्विक […]

Spread the love
Read More
homeslider International

डिलीवरी बॉयज पर बेंगलुरु पुलिस का नया एक्शन, फाइन की जगह क्लास

Delivery Boys : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले डिलीवरी बॉयज के लिए पुलिस ने सजा का तरीका बदल दिया है। अब पहली बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर डिलीवरी एजेंटों से जुर्माना वसूलने के बजाय उन्हें चार घंटे का अनिवार्य ट्रैफिक सेफ्टी लेक्चर अटेंड करना होगा। पुलिस का मानना है […]

Spread the love
Read More
homeslider International

अलर्ट रहें, सलाद दे सकती है जानलेवा बीमारी ,इस देश में मची तबाही

Devika Rani : अगर आप या आपके संबंधी अमेरिका में रहते हैं और सलाद आपके मील का भी जरूरी हिस्सा है, तो सावधान हो जाने की जरूरत है। दरअसल अमेरिका में इस समय एक बेहद खतरनाक और तेजी से फैलने वाले परजीवी ने हाहाकार मचा रखा है। इसकी वजह से हजारों अमेरिकी गंभीर रूप से […]

Spread the love
Read More