- या मुहम्मद की सदाओं से गूंजा कस्बा चिनहट
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। पैगंबर-ए-इस्लाम की यौम -ए -पैदाइश पर शुक्रवार को चिनहट कस्बे में जुलूस-ए – मुहम्मदी अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। मस्जिद मतीनुल औलिया से उठकर जुलूस पूरे चिनहट कस्बे से होता हुआ एल्डिको चौराहे के पास दुधिया पीर बाबा की दरगाह शरीफ पहुंचा और वहां से पुनः वापस होकर बड़ी मस्जिद से शहीद सैयद मीरा शाह पहलवान बाबा रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ पहुंचकर सकुशल संपन्न हुआ। इस दौरान डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के निर्देशन में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की टीम जुलूस के साथ-साथ चल रही थी।
जुलूस का जगह-जगह स्वागत भी हुआ। हजारों की संख्या में अकीदतमंद नारे रिसालत के नारे लगाते हुए चल रहे थे। बड़ी संख्या में अंजुमने जुलूस – ए – मुहम्मदी में नात शरीफ पढ़ती चल रहीं थीं। वहीं खूबसूरत ढंग से बनी काबा और मस्जिद भी जुलूस में शामिल थी। जुलूस चिनहट कस्बा होते हुए एल्डिको तिराहे के पास स्थित दुधिया पीर बाबा की दरगाह शरीफ पर पहुंचा और वहां से पुनः जुलूस बाजार होते हुए करीब दो बजे अपनी मंजिल शहीद सैयद मीरा शाह पहलवान बाबा रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ पहुंचा। कस्बा चिनहट निवासी बाबा मोहम्मद शफीक ने कहा कि नबी-ए-करीम हमारे लिए रहमत बनकर आए। जब वह दुनिया में आए तो जिहालत का दौर था। बाबा मोहम्मद शफीक ने बताया कि हमारे नबी के आने से दुनिया में इल्म की रोशनी आ गई। जुलूस की हिफाजत के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शांतिपूर्वक जुलूस निकलवाने के लिए चिनहट की अंजुमन ने पुलिस का शुक्रिया अदा करने के साथ-साथ माला पहनाकर पुलिस टीम का स्वागत किया। इस मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की टीम पीएसी के जवान जुलूस के साथ-साथ चल रहे थे।
