- जांच-पड़ताल में जुटी जांच एजेंसियां, बड़ी मछली अभी भी पकड़ से दूर
- सिलसिलेवार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत दे रही है कि लंबी फेहरिस्त
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। अवैध धर्मांतरण करवाने माहिर जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा का एक और सहयोगी राजेश कुमार उपाध्याय को यूपी एटीएस टीम ने धरदबोचा। बताया जा रहा है कि आरोपी राजेश कुमार उपाध्याय सीजेएम बलरामपुर अदालत में क्लर्क के पद कार्यरत है, जिसकी पत्नी के नाम छांगुर पुणे में 16 करोड़ की प्रापर्टी खरीदी थी। राजेश कुमार उपाध्याय के पास कितनी संपत्ति है इसके बारे में एटीएस टीम उसकी कुंडली खंगालने शुरू कर दी।
इससे पहले एटीएस टीम ने कइयों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। अवैध धर्मांतरण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दो दिनों के भीतर सबसे बड़े आपरेशन में अबतक कईयो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकार बताते हैं कि सभी आरोपियों से जांच एजेंसियां गहनता से पूछताछ शुरू कर दी है। गिरफ्तार सभी आरोपी शातिराना दिमाग वाले छांगुर बाबा के संपर्क में थे। खास बात यह है कि इस गोरखधंधे में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। सिलसिलेवार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत दे रहीं हैं कि छांगुर बाबा से जुड़े लोगों की लंबी फेहरिस्त है।
एटीएस पूरे नेटवर्क के खुलासे के करीब!

कुछ दिनों अवैध धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की फौज में कितने लोग शामिल थे धीरे-धीरे उसकी कुंडली खुलती जा रही। अवैध धर्मांतरण कर विदेशों से मोटी रकम लेकर करोड़ों की संपत्ति बनाने वाले छांगुर का एक और सहयोगी राजेश कुमार उपाध्याय रविवार को एटीएस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपी छांगुर और उसकी करीबी महिला नीतू उर्फ नसरीन को रिमांड पर लेने के उनसे की गई पूछताछ के बाद एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क के पूरे खुलासे के नजदीक है। जानकार सूत्र बताते हैं कि महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने के बाद नेपाल से लेकर अन्य स्थानों पर इस गोरखधंधे में शामिल कुछ और एमटीएस की निगाह में आएं हैं। जांच एजेंसियां उनकी गर्दन दबोचने के लिए जाल बिछा दिया है।
स्थानीय पुलिस प्रशासन की आंख में धूल झोंककर चलाता गोरखधंधा
बताया जा रहा है कि जिस तरह से छांगुर की हकीकत खुलकर सामने आई इससे यही लग रहा है कि अवैध धर्मांतरण का गोरखधंधा बहुत पहले से कर रहा था। बताया जा रहा है उसकी ऊंची रसूख के चलते उस पर हाथ डालने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी कतरा रहा था। लेकिन कहावत नहीं बल्कि हकीकत है कि जब पाप का घड़ा फूटता है तो फिर उसकी बदबू दूर तलक पहुंचती है।
जिस तरह रूपयों के दम पर बेखौफ जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा बेबस लड़कियों को अपने चंगुल में फंसाकर उन्हें मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करता इससे साफ है कि इसका तार किसी बड़ी मछली से जरूर जुड़ा होगा। हालांकि एटीएस टीम इसकी तह तक पहुंचने के लिए भरसक प्रयास कर रही है ताकि फिर कोई इस तरह का गोरखधंधा चलाने की हिम्मत न जुटा सके।
