सरकारी धन का दुरुपयोग देखना है तो जेल मुख्यालय आइए

  • कारागार मुख्यालय की पार्किंग में घुल खा रहे लाखों के जिम उपकरण
  • जेलों के आधुनिक होने के बजाए अफसर जरूर हो गए मालामाल

लखनऊ। सरकारी धन का दुरुपयोग देखना है तो कारागार मुख्यालय आइए। पुरानी जेल रोड स्थित जेल मुख्यालय की पार्किंग में लाखों के जिम उपकरण धूल खा रहे है। यह सच फोटो खुद बयां कर रही हैं। आलम यह है कि आधुनिक उपकरणों की खरीद फरोख्त से जेल भले ही आधुनिक नहीं हो पाई हो लेकिन अधिकारी जरूर मालामाल हो गए है। पूर्व में जेलों के लिए खरीदी गई हैवी ड्यूटी वाशिंग मशीन क्रियाशील न हो पाई हो नई मशीनें खरीदे जाने की तैयारी पूरी हो गई है। कारागार मुख्यालय में आधुनिक उपकरणों की खरीद फरोख्त में मोटे कमीशन का खेल धड़ल्ले से जारी है। दिलचस्प बात यह है कि विभाग के आला अफसर सब कुछ जानकर अंजान बने हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश की 75 जेलों में बंदियों और अधिकारियों की सुविधा के लिए ओपन जिम खोले जाने की तैयारियां कारागार मुख्यालय में जोरशोर से चल रही है। कारागार मुख्यालय के आधुनिकीकरण अनुभाग ने ओपन जिम के लिए उपकरण खरीदने का प्रस्ताव भेजा। सूत्रों के मुताबिक जिम उपकरण खरीदे जाने की वित्तीय स्वीकृत प्राप्त होने के बाद हरकत में आये अनुभाग अधिकारियों ने ओपन जिम के लिए उपकरण मंगवाए है। लाखों रूपये के यह उपकरण रखने के लिए मुख्यालय के अधिकारियों को मुख्यालय की छह मंजिला इमारत में जगह नहीं मिली। इन उपकरणों को जगह नहीं होने का हवाला देते हुए बेसमेट की वाहन पार्किंग में रखवा दिया गया है। लाखों के यह उपकरण पार्किंग में धूल खा रहे है। यह मामला मुख्यालय कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है। चर्चा है कि जेलों की डिमांड नहीं होने के बाद भी कमिशन की खातिर उपकरण खरीद कर जेलों पर भेजे जा रहे हैं। विभाग के आधुनिकीकरण अनुभाग में कमिशन का यह खेल पिछले काफी समय से चल रहा है।

उल्लेखनीय है कि बीती 12 नवंबर को शासन ने प्रदेश की 10 कारागारों के लिए हैवी ड्यूटी वाशिंग मशीन खरीदे जाने का निर्णय लिया है। इन मशीनों की खरीद के लिए शासन ने एक करोड़ 51 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृत भी प्रदान कर दी है। जल्दी इन मशीनों की खरीद फरोख्त की औपचारिकता पूरी करने के बाद इनकी खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि पूर्व में खरीदी गई हैवी ड्यूटी वाशिंग मशीनें अभी तक क्रियाशील नहीं हो पाई और मोटा कमीशन की खातिर नई मशीनें खरीदकर राजस्व का चुना लगाने की तैयारी में है। उधर इस संबंध में आधुनिक अनुभाग के प्रभारी डीआईजी हेमंत कुटियाल से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

कारागार मंत्री आज करेंगे अधिकारियों के साथ बैठक

प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान सोमवार को कारागार मुख्यालय में जेल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक के दौरान जेल की समस्याओं के साथ ही साथ समय पूर्व रिहाई के प्रकरणों पर अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में कारागार विभाग के समस्त उच्च अधिकारियों के मौजूद रहने की संभावना है। मुख्यालय इस बैठक की तैयारियों को लेकर बीते कई दिनों से जुटा हुआ है। इसके लिए शनिवार को अवकाश होने के बाद भी मुख्यालय के कई कर्मियों को ऑफिस बुलाया गया

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