
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए एक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी विवादों में घिर गए हैं। भाजपा प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस मामले का जिक्र गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया गया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि अदालत मामले में उठाए गए मुद्दों और याचिका में की गई मांगों पर विचार करेगी। अदालत की ओर से नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उठा मामला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुनवाई के दौरान गौरव भाटिया ने महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि घटना के बाद पत्रकार को अस्पताल ले जाना पड़ा। भाटिया ने दलील दी कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल या नेता से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग कर रहे हों। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले की जांच से जुड़े निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
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CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने अदालत में राजनीतिक मुद्दे उठाए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अदालत याचिका में की गई मांगों और संबंधित मुद्दों पर विचार करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में नोटिस भी जारी किया गया है। अदालत की टिप्पणी को आरोपों की पुष्टि या राहुल गांधी के खिलाफ दोष तय किए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच से ही तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 12 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में मार्च निकाला था। इस राजनीतिक कार्यक्रम में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के दौरान कुछ नेता सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुंचे थे।
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इसी दौरान परिसर में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से भीड़ की स्थिति बन गई। सामने आए एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी के आसपास मौजूद भीड़ के बीच एक व्यक्ति आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। वीडियो में राहुल गांधी द्वारा हाथ से उसे आगे करने जैसी गतिविधि दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके बाद वह व्यक्ति सामने खड़ी महिला पत्रकार से टकराता हुआ नजर आने की बात कही जा रही है।
भाजपा की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी पर गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप लगाया गया है। वहीं, घटना के पूरे क्रम, धक्का जानबूझकर दिए जाने और संबंधित परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
पत्रकारों की सुरक्षा पर फिर चर्चा
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
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