
साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 267 वीं कड़ी में बोले कांग्रेस नेता
Lucknow: गांधी-अंबेडकर संवाद यात्रा के माध्यम से गांधी जी और बाबा साहेब अंबेडकर जी के विचारों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। आम लोगों में यह धारणा बहुत मजबूत हुई है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के सहयोग से बनी अवैध सरकारें हैं।
ये बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 267 वीं कड़ी में कहीं। शाहनवाज़ आलम ने कहा कि गांधी-अंबेडकर संवाद यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत दो अक्टूबर से मुरादाबाद से हुई है।
जो मुरादाबाद, संभल, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और हरदोई तक जाएगी यात्रा का पहला चरण नौ सितंबर से 18 सितम्बर तक अलीगढ़ से सहारनपुर तक था। कांग्रेस नेता ने कहा कि छोटे-छोटे चौपाल और संवाद कार्यक्रमों से यह अंदाज़ा लग रहा है कि मोदी और भाजपा की राज्य सरकारों को लोग वास्तविक जनादेश का परिणाम मानने के बजाए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनवायी गई अवैध सरकारें मानने लगे हैं।
ये भी पढें
UP Rajya Sabha: आठ उम्मीदवारों की सूची में BJP की सोशल इंजीनियरिंग
उन्हें लग रहा है कि चुनाव आयोग और न्यायपालिका का एक हिस्सा अपनी निष्पक्षता खो चुकी है और वो सरकार और RSS के दबाव में भाजपा को चुनाव जितवाने का काम कर रही हैं यह एक ख़तरनाक और अराजक स्थिति की तरफ देश को ले जा सकता है क्योंकि लोगों में चुनावी प्रक्रिया की वैधता को लेकर ही संदेह उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि लोगों में यह धारणा भी विकसित हो रही है कि योगी सरकार चुनाव जीतने के लिए बिहार की तर्ज पर मतदान से ठीक दो से तीन दिन पहले लोगों के खाते में 10-10 हज़ार रुपये डाल सकती है। ऐसी स्थिति में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ़्तार कर सज़ा देना चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
UP Rajya Sabha: आठ उम्मीदवारों की सूची में BJP की सोशल इंजीनियरिंग
राधिका आप्टे की ये फिल्म बढ़ाएगी डर, हर सीन में सस्पेंस का तड़का
गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर कहां लुप्त हो जाती हैं? जानिए रहस्य
रूस में प्लेग का शक! कर्मचारी की मौत के बाद 200 लोग क्वारंटीन
मगरमच्छ ने युवक को जबड़ों में दबोचा, चीख सुनकर नदी में कूदे दो भाई


One thought on “ज्ञानेश की गिरफ़्तारी चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बहाली के लिए ज़रूरी- शाहनवाज़ आलम”
Comments are closed.