New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में मौजूद एक और खतरनाक भवन को कल गिराया जाएगा। इस इमारत को पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने सत्य निकेतन हादसे में घायल लोगों से मिलने के लिए एम्स का दौरा किया। उन्होंने घायलों और उनके परिवारों से मुलाकात कर सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। सत्य निकेतन में रविवार को करीब 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। इस इमारत में लड़कों के लिए PG संचालित किया जा रहा था। हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए।
घायलों को बेहतर इलाज का भरोसा
रेखा गुप्ता ने बताया कि हादसे के बाद मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया था। इनमें सात लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो मजदूर भी शामिल थे। एक घायल मजदूर का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसके पैर में गंभीर चोट बताई गई है।
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मुख्यमंत्री के मुताबिक, दो घायल बच्चों की हालत में सुधार है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। वहीं एक बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे ICU में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने उसके परिजनों से मुलाकात कर बेहतर इलाज का आश्वासन दिया। सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की बात भी कही है। शवों को उनके गृह स्थान तक पहुंचाने के लिए भी प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किए गए।

हादसे के बाद पांच मंजिला अवैध इमारतों पर सख्ती
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को दिल्ली में मौजूद अनधिकृत पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए थे। MCD को ऐसे भवनों की पहचान कर नियमों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और खतरनाक या नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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PG और आसपास की इमारतों की भी होगी जांच
सरकार का फोकस सिर्फ हादसे वाली इमारत तक सीमित नहीं है। सत्य निकेतन और आसपास के इलाके में संचालित PG तथा अन्य भवनों की भी सुरक्षा जांच की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कहीं किसी भवन में नियमों के विपरीत अतिरिक्त निर्माण तो नहीं किया गया है।
पांच मंजिला निर्माण को लेकर क्या है नियम?
दिल्ली की भवन उपविधियों के अनुसार 17.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों को हाई-राइज श्रेणी में रखा जाता है। निर्धारित ऊंचाई की सीमा में स्टिल्ट पार्किंग के साथ अधिकतम चार मंजिलों का निर्माण किया जा सकता है। वहीं स्टिल्ट पार्किंग नहीं होने की स्थिति में भवन की ऊंचाई की सीमा अलग निर्धारित है।
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