दिल्ली में अब सभी इमारतों की होगी जांच, MCD ने तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

New Delhi

New Delhi: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद नगर निगम (MCD) ने पूरी दिल्ली में इमारतों की जांच कराने का फैसला लिया है। MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) को अपने-अपने क्षेत्र में इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

सत्य निकेतन में रविवार को हुए हादसे में सातलोगों की मौत और छह लोग घायल हुए थे। करीब 28 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार शाम मलबा पूरी तरह हटाया गया। मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जबकि तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

हाई कोर्ट में भी पेश होगी जांच रिपोर्ट

MCD की ओर से कराए जा रहे निरीक्षण में इमारतों की स्थिति और संभावित खतरे से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस रिपोर्ट को दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में भी शामिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होनी है।

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28 लाख से ज्यादा इमारतों के सर्वे में सिर्फ 19 खतरनाक मिलीं

MCD के अनुसार, इस साल की शुरुआत में राजधानी में बड़े स्तर पर इमारतों का सर्वे कराया गया था। करीब 27 लाख 84 हजार 286 इमारतों का निरीक्षण किया गया, जिनमें केवल 19 इमारतों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया था। सत्य निकेतन हादसे के बाद अब दोबारा व्यापक स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार

सत्य निकेतन हादसे के मामले में पुलिस ने संपत्ति मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम पर दर्ज है, जबकि इसका संचालन और प्रबंधन उनके पति और बेटे के जिम्मे था।

तीनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने हरिराम और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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MCD के पांच अधिकारी निलंबित

हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक सभी निलंबित रहेंगे। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

सत्य निकेतन में करीब 170 मकानों में चल रहे PG

सत्य निकेतन इलाके का विकास 1960 के दशक के दौरान पुनर्वास क्षेत्र के तौर पर हुआ था। बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के आसपास कॉलेजों और छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ यहां PG का कारोबार भी तेजी से बढ़ा। इलाके में करीब 300 मकान बताए जाते हैं, जिनमें लगभग 170 मकानों में PG संचालित होने की जानकारी सामने आई है।

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