
Iran अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि तुर्की के अंकारा से रवाना होने के दौरान सुरक्षा कारणों से उन्हें अपना विमान बदलना पड़ा था। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान समर्थित तत्वों की ओर से ट्रंप और उनके विमान को निशाना बनाए जाने की आशंका के बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने यह फैसला लिया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह का पालन किया।
ईरान की धमकी के बाद लिया गया फैसला
रिपोर्टों के अनुसार, नाटो शिखर सम्मेलन के लिए ट्रंप तुर्की के अंकारा पहुंचे थे। उस दौरान अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को ट्रंप को निशाना बनाने की एक गंभीर धमकी की जानकारी मिली। CBS News ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप के विमान पर मिसाइल हमले की योजना से जुड़ी खुफिया जानकारी सामने आई थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि इजराइली खुफिया जानकारी के जरिए अमेरिका को ईरान से जुड़े खतरे के बारे में अलर्ट मिला था। हालांकि, इस विशेष खुफिया इनपुट की सार्वजनिक रूप से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ये भी पढें
देश-विदेश की टॉप 10 खबरें… क्रिकेटर अभिषेक रेप केस में हुए गिरफ्तार
सीक्रेट सर्विस की सलाह पर बदला विमान
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना की सलाह मानते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें अक्सर धमकियां मिलती रहती हैं, इसलिए उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों की सलाह पर ज्यादा सवाल नहीं किए और वही किया जो उनसे कहा गया। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप जिस नए कतर-प्रदत्त बोइंग 747-8 विमान से तुर्की पहुंचे थे, उसकी सुरक्षा प्रणालियां पुराने Air Force One जितनी उन्नत नहीं थीं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने विमान बदलने को ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना।
कैटरिंग ट्रक के जरिए हुआ गुप्त ट्रांसफर
मामला तब और दिलचस्प हो गया जब सामने आया कि ट्रंप को अंकारा एयरपोर्ट पर बेहद गुप्त तरीके से एक विमान से दूसरे विमान में स्थानांतरित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप पुराने Air Force One में सार्वजनिक तौर पर सवार हुए, लेकिन बाद में विमान के दूसरे हिस्से से उन्हें एक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक के जरिए छोटे सैन्य विमान C-32A तक पहुंचाया गया। इस ऑपरेशन का मकसद ट्रंप की वास्तविक लोकेशन और उनके विमान की पहचान को छिपाना था। इसी दौरान पुराने Air Force One को डिकॉय यानी भ्रम पैदा करने वाले विमान के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
पत्रकारों को भी नहीं थी पूरी जानकारी
रिपोर्टों के मुताबिक, पुराने Air Force One में मौजूद पत्रकारों और कुछ व्हाइट हाउस कर्मचारियों को भी यह जानकारी नहीं थी कि ट्रंप उस विमान में मौजूद नहीं हैं। पत्रकारों को विमान की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। उधर, ट्रंप को लेकर C-32A विमान ब्रिटेन पहुंचा और कुछ समय बाद पत्रकारों तथा अन्य अधिकारियों को लेकर चल रहा दूसरा विमान भी वहां पहुंच गया। इस पूरी कार्रवाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप ने इस घटना पर कहा कि उन्हें लगता है कि जिस विमान में वह बाद में गए, वह संभवतः ज्यादा जोखिम में था, क्योंकि संभावित हमलावरों को उनके विमान के बारे में जानकारी होती तो वे उसी को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते थे। इस घटना के बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा, खुफिया सूचनाओं और विदेश दौरों के दौरान विमान की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विमान बदलने का फैसला किसी सामान्य यात्रा व्यवस्था के बजाय गंभीर सुरक्षा आशंका के मद्देनजर लिया गया था।
ये भी पढ़े
पहले भी इस्तेमाल हो चुका है डिकॉय विमान
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए डिकॉय या वैकल्पिक विमान का इस्तेमाल कोई बिल्कुल नया तरीका नहीं है। अतीत में भी अमेरिकी राष्ट्रपतियों की यात्राओं के दौरान उनकी वास्तविक लोकेशन छिपाने के लिए ऐसे सुरक्षा उपाय किए जाने के उदाहरण सामने आए हैं। ट्रंप के तुर्की दौरे में हालांकि कैटरिंग ट्रक के जरिए राष्ट्रपति को एक छोटे सैन्य विमान तक गुप्त रूप से पहुंचाने की बात सामने आने के बाद यह ऑपरेशन खासा चर्चा में है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
डोनाल्ड ट्रंप की जान को था खतरा! तुर्की में अचानक बदला गया विमान
हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महंगा, 60 पैसे बढ़े दाम; ‘अनाथ एवं विधवा सेस’ लागू
छह साल के बेटे को रावी नदी में फेंका, पुलिस के सामने कबूला अपराध
अपर महानिरीक्षक कारागार का अजब गजब कारनामा
Gold-Silver Price Today: सोना ₹2,790 और चांदी ₹10,100 महंगी, जानें आज का नया रेट
तुर्की में शांति की नई पहल: PKK लड़ाकों को सशर्त माफी वाले बिल पर संसद की मुहर
श्रीलंका के खिलाफ जडेजा का खतरनाक रिकॉर्ड, गॉल टेस्ट में फिर मचाएंगे धमाल?

