
Sale of stakes in companies : केंद्र सरकार की विनिवेश रणनीति को लेकर शेयर बाजार में एक बार फिर हलचल बढ़ सकती है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में हिस्सेदारी घटाने के बाद अब सरकार कुछ अन्य सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुस्तान कॉपर, हिंदुस्तान जिंक, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और IRCTC सरकार की संभावित हिस्सेदारी बिक्री की सूची में शामिल हैं।
हालांकि, अभी वित्त मंत्रालय की ओर से इन कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
हिंदुस्तान कॉपर और हिंदुस्तान जिंक पर फोकस
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार की प्राथमिकता फिलहाल हिंदुस्तान कॉपर और हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी घटाने की हो सकती है। सरकार हिंदुस्तान जिंक में करीब 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। कंपनी का बाजार मूल्य बड़ा होने के कारण छोटी हिस्सेदारी की बिक्री से भी सरकार को बड़ी रकम हासिल हो सकती है।
ये भी पढें
वहीं, हिंदुस्तान कॉपर में सरकार करीब पाँच प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकती है। हालांकि अंतिम हिस्सेदारी और बिक्री का आकार बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग को ध्यान में रखकर तय किया जा सकता है।
मझगांव डॉक और IRCTC भी संभावित सूची में
हिंदुस्तान कॉपर और हिंदुस्तान जिंक के अलावा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और IRCTC में भी सरकार की हिस्सेदारी घटाने की संभावना जताई जा रही है। दोनों कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं और इनमें सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को विनिवेश लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल इन कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री की तारीख, शेयरों की संख्या या बिक्री का तरीका स्पष्ट नहीं है। इसलिए निवेशकों के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना अहम होगा।
2026-27 में सरकार ने जुटाई बड़ी रकम
सरकार इस वित्त वर्ष में कई सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी घटा चुकी है। कोल इंडिया, NHPC, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन और LIC जैसे नाम इस सूची में शामिल हैं।
ये भी पढें
पूर्व राज्यपाल और कैबिनेट मंत्री के भवन भी जांच के घेरे में, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से बढ़ी हलचल
DIPAM के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने अब तक कुल 61,638.61 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें करीब 52,716.02 करोड़ रुपये विनिवेश, 6,366.93 करोड़ रुपये एसेट मुद्रीकरण और 2,555.66 करोड़ रुपये डिविडेंड से प्राप्त हुए हैं।
LIC में सरकार ने बेची 6.5 फीसदी हिस्सेदारी
हाल ही में केंद्र सरकार ने LIC में अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेच दी। शेयर बिक्री का भाव करीब 382 रुपये प्रति शेयर बताया गया है और इस बिक्री से सरकार को लगभग 31,000 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी है।
LIC में हिस्सेदारी घटाने के पीछे सार्वजनिक हिस्सेदारी से जुड़े लिस्टिंग नियमों का पालन भी एक प्रमुख वजह रहा। सरकार को तय समयसीमा तक कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ानी थी, लेकिन उसने निर्धारित समय से पहले ही हिस्सेदारी बिक्री पूरी कर दी।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
पूर्व राज्यपाल और कैबिनेट मंत्री के भवन भी जांच के घेरे में, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से बढ़ी हलचल
20वें सीजन में बदला बिग बॉस का खेल, सेफ गेम पर लगेगी लगाम
संसद क्यों नहीं आ रहे अमित शाह? अभिषेक बनर्जी ने साधा निशाना, बोले- सवालों से बच रही सरकार
नकली पनीर से गंदे गोदाम तक, खाने की सुरक्षा पर सख्ती तेज; क्या बदलेगा सिस्टम?


One thought on “LIC के बाद इन सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार, निवेशकों की नजर इन शेयरों पर”
Comments are closed.