
मुख्यमंत्री से लगाई सुरक्षा की गुहार
Amarmani Tripathi’s political activity: अमरमणि की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने से मधुमिता-सारा का परिवार डरा हुआ है। कवयित्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री से न्याय और सुरक्षा की मांग की। इन लोगों का आरोप है कि अमरमणि त्रिपाठी और अमनमणि त्रिपाठी के समर्थन में लगाए जा रहे नारों से पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
निधि शुक्ला ने कहा कि उनका मानना है कि अमरमणि त्रिपाठी जितने समय तक जेल में रहा, उसमें मीडिया की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि 2003 से शुरू हुई इस लड़ाई में उनका परिवार लगातार भय और दबाव के बीच न्याय के लिए संघर्ष करता रहा। कई बार डर और निराशा के बावजूद मीडिया के सहयोग से उन्होंने यह लड़ाई जारी रखी।
उन्होंने बताया कि मधुमिता हत्याकांड से जुड़े ऑन रिकॉर्ड और ऑफ रिकॉर्ड तथ्यों को उन्होंने एक किताब में संकलित किया है। ‘मेरी बहन का कत्ल’ शीर्षक से लिखी गई यह पुस्तक अगले महीने प्रकाशित और विमोचित की जाएगी। उनका कहना है कि इसमें मामले से जुड़े कई ऐसे तथ्य शामिल हैं, जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि अमरमणि त्रिपाठी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के समर्थन में लगाए गए नारों के बाद उनका परिवार फिर भय के माहौल में है। उन्होंने कहा कि यदि अमरमणि को फिर राजनीतिक संरक्षण मिलता है या वह प्रभावशाली स्थिति में आता है तो उनके परिवार की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।
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प्रेसवार्ता में निधि शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माफिया मुक्त बनाने के संकल्प का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को अपने इस वादे पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने मांग की कि किसी भी माफिया को राजनीतिक संरक्षण न मिले और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सीमा सिंह हुईं भावुक
अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने भी मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें अब भी सुरक्षा और न्याय की जरूरत है।निधि शुक्ला ने कहा कि 9 मई 2003 को लखनऊ स्थित आवास पर राष्ट्रीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या हुई थी।
मामले की जांच पहले CB -CID और बाद में CBI ने की। सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष सुनवाई के लिए मुकदमे को उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड स्थानांतरित किया था। देहरादून की अदालत, नैनीताल हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी अमरमणि त्रिपाठी, मधुमणि त्रिपाठी समेत अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।
प्रेसवार्ता में निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि सजा के दौरान अमरमणि त्रिपाठी लंबे समय तक जेल से बाहर रहा और बाद में उसकी रिहाई की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि अब उसके सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों से पीड़ित परिवारों में फिर असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
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