
BAT-BMS ऐप्स पर साइबर सुरक्षा का खतरा, आईटी सचिव बोले- नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स को नहीं मिलेगी जगह
Chinese BAT-BMS App : देश में साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को दूर से नियंत्रित करने वाले दो चीनी मोबाइल ऐप्स के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने BAT-BMS नाम के दोनों ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के सामने आने के बाद की गई, जिनमें दावा किया गया था कि इन ऐप्स के जरिए कुछ ई-रिक्शा को दूर बैठे ही बंद किया जा सकता है। इस मामले ने न केवल वाहन सुरक्षा बल्कि इंटरनेट से जुड़े स्मार्ट व्हीकल सिस्टम की विश्वसनीयता और साइबर सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी ऐप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो उपयोगकर्ताओं या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
IT सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार को हाल ही में इन दोनों ऐप्स की जानकारी मिली थी। जानकारी मिलने के तुरंत बाद संबंधित ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐप स्टोर संचालकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगी ताकि भविष्य में किसी भी हानिकारक या संदिग्ध ऐप को प्लेटफॉर्म पर जगह न मिले। CII साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान मीडिया से बातचीत में एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऐप्स की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि ऐप स्टोर की भी यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसे एप्लिकेशन की गहन जांच करें, जो उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा या राष्ट्रीय हितों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
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दरअसल, यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कुछ वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो में दावा किया गया कि BAT-BMS ऐप से जुड़े रिमोट शटडाउन फीचर का उपयोग कर कुछ ई-रिक्शा को दूर से ही रोक दिया गया। बताया गया कि इंटरनेट आधारित व्हीकल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए वाहन की गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सकता है। इन दावों के सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि किसी वाहन को इंटरनेट के माध्यम से दूर से नियंत्रित किया जा सकता है, तो यह केवल वाहन मालिक ही नहीं बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे सिस्टम का दुरुपयोग सड़क दुर्घटनाओं, ट्रैफिक अवरोध या अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी किया जा सकता है।
हालांकि सरकार ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल कितने ई-रिक्शा में किया जा रहा था या इससे कितने वाहन प्रभावित हुए। लेकिन एहतियाती कदम उठाते हुए इन्हें ऐप स्टोर से हटाने का निर्णय लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित वाहनों और स्मार्ट डिवाइसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इनसे जुड़े सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप्स की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। सरकार भी अब डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रख रही है।
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