
Donald Trump Iran war :अमेरिका की राजनीति और रक्षा नीति में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पेंटागन की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दी जा रही जानकारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वेंस को शक है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य तनाव और युद्ध से जुड़ी सच्चाई को सही तरीके से राष्ट्रपति तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे विवाद के केंद्र में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन हैं, जो लगातार यह दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की वायुसेना, नौसेना और रक्षा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
पेंटागन के दावों पर उठे सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंद कमरे में हुई बैठकों के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कई बार इन दावों की सच्चाई पर सवाल उठाए। उन्होंने यह जानना चाहा कि क्या ईरान युद्ध को लेकर जो सकारात्मक तस्वीर पेश की जा रही है, वह वास्तव में जमीन पर मौजूद स्थिति से मेल खाती है या नहीं। इसके साथ ही वेंस ने अमेरिकी हथियारों और मिसाइल स्टॉक में आई कमी को लेकर भी चिंता जताई है। उनका मानना है कि अगर भंडार इसी तरह घटता रहा, तो भविष्य में चीन, रूस या उत्तर कोरिया जैसे देशों के साथ किसी बड़े संघर्ष में अमेरिका को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
अंदरूनी खुफिया रिपोर्ट और असहमति
सूत्रों के अनुसार, कुछ अमेरिकी खुफिया आकलनों में यह बात सामने आई है कि ईरान पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेहरान ने अपनी वायुसेना का एक बड़ा हिस्सा और मिसाइल लॉन्च सिस्टम का महत्वपूर्ण भाग सुरक्षित रखा है। इसके अलावा यह भी बताया गया कि अमेरिका ने इस संघर्ष में अपने कई महत्वपूर्ण हथियारों का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया है, जिससे रक्षा तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
सार्वजनिक बयान बनाम निजी चिंताएं
हालांकि उपराष्ट्रपति वेंस ने सार्वजनिक रूप से कभी भी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की आलोचना नहीं की है। बल्कि उन्होंने कई मौकों पर पेंटागन के काम की तारीफ भी की है।लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि निजी बैठकों में वेंस रणनीतिक फैसलों और खुफिया जानकारी की सटीकता पर गहरे सवाल उठाते हैं। यह अंतर उनके सार्वजनिक और निजी रुख में साफ दिखाई देता है।
क्या राष्ट्रपति ट्रंप को सही जानकारी मिल रही है?
रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जमीनी हकीकत से जुड़ी पूरी और सटीक जानकारी मिल रही है या उन्हें एक “सकारात्मक लेकिन अधूरी तस्वीर” दिखाई जा रही है। कुछ पूर्व अधिकारियों का मानना है कि पेंटागन के बयान और मीडिया ब्रिफिंग्स को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वे राष्ट्रपति की सोच और रणनीति के अनुरूप लगें।
ईरान संघर्ष का वैश्विक प्रभाव
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है। यदि सैन्य संघर्ष लंबा चलता है, तो इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संकट के रूप में भी देखने को मिल सकता है।
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