सनातन आस्था पर शातिराना दुष्प्रचार

Untitled 10 copy 5

सनातन आस्था पर शातिराना दुष्प्रचार

संजय सक्सेना

सोशल मीडिया पर एक गिरोह व्यवस्थित ढंग से हिंदू आस्था को निशाना बना रहा है। देवी-देवताओं और मंदिरों को लेकर विषैला प्रचार फैलाया जा रहा है। एक डेढ़ मिनट का वीडियो वायरल कर यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि सनातनी अपनी आस्था पर अडिग नहीं रहते। वे समय-समय पर फैशन की तरह आराध्य बदलते रहते हैं। यानी वे धार्मिक और मानसिक रूप से कमजोर हैं। यह प्रचार दिल्ली से वृंदावन तक फैला हुआ है। लेकिन सच्चाई कुछ और है। हाल ही में नासिक की एक बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी के बीपीओ केंद्र में चल रहे कॉर्पोरेट धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। सात महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाकर वहां काम किया। उन्होंने चालीस से ज्यादा निगरानी कैमरों की फुटेज जुटाई। सबूतों के आधार पर टीम लीडरों समेत छह अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। यह रैकेट 2022 से चल रहा था। एक महिला कर्मचारी का पहनावा अचानक बदल गया। रमजान में रोजा रखने लगी। परिवार को शक हुआ तो सच्चाई सामने आई। पुलिस ने योजना बनाई। महिला जासूसों ने नौकरी ली। महीनों की मेहनत के बाद गिरोह धराशायी हो गया। यह गिरोह हिंदू कर्मचारियों को तर्क के नाम पर उलझाता था। कहता था, जब हनुमान बंदर थे, तो उनकी मां मनुष्य कैसे हुईं। पार्वती जी को गणेश का पता है, तो शंकर जी को क्यों नहीं। तुम्हारे भगवान तो दिखते हैं, जो दिखता है वह भगवान कैसे। यही कुतर्क सोशल मीडिया पर भी चल रहे हैं, जहां कॉर्पोरेट गिरोह सीधे धर्मांतरण कराता था, वहीं यह गिरोह उकसाता है। दोनों का मकसद एक है हिंदू आस्था को कमजोर बताकर दूसरी ओर खींचना। लेकिन सनातन की ताकत ठीक इसी लचीलेपन में है। बर्ट्रैंड रसेल ने कहा था कि दुनिया की सबसे बड़ी समस्या यह है कि मूर्ख और कट्टरपंथी खुद को पूरी तरह सही मानते हैं। यह बात इन पाकिस्तान प्रेमी प्रभावकों पर बिल्कुल फिट बैठती है। वे समझ नहीं पाते कि सनातन बांधता नहीं, मुक्त करता है। इसमें तैंतीस कोटि देवताओं की मान्यता है। प्रकृति को पूजा जाता है जल, वायु, आकाश, सूर्य और चंद्रमा जीवन के आधार को। कोई एक देवता, एक ग्रंथ या एक विचार में बंधने की मजबूरी नहीं। महाकाल हो, खाटू श्याम, मां दुर्गा या भगवान कृष्ण जो भी मन को छू जाए।

ये भी पढ़ें

अखिलेश का महिला आरक्षण विरोध, जातिगत जनगणना का डर या PDA की रक्षा

सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था कि धर्म का उद्देश्य मनुष्य को ऊंचा उठाना है, विभाजित करना नहीं। सनातन इसी उदारता का नाम है। जो धर्म बांधता है, वह कट्टरता की ओर ले जाता है। लेकिन सनातन आस्तिक को स्वतंत्र रखता है। गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर ने लिखा था कि सच्चा धर्म मनुष्य को स्वतंत्र और उदार बनाता है। इन गिरोहों का दायरा कुएं के मेढक जैसा है। वे अपने संकीर्ण विचारों को ही सत्य मानते हैं। इसलिए हिंदू आस्था पर हमला करते हैं। नासिक मामले का टाइमिंग देखिए। जब धर्मांतरण रैकेट उजागर हुआ, उसी समय सोशल मीडिया पर प्रचार तेज हो गया। हिंदू आस्था कमजोर है, इसलिए धर्मांतरण होता है यह संदेश दिया जा रहा है। लेकिन सच्चाई उलट है। 2025 में उत्तर प्रदेश के तीर्थों पर श्रद्धालुओं की संख्या ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। काशी विश्वनाथ में साढ़े सोलह करोड़ से ज्यादा भक्त पहुंचे। अयोध्या में उनतीस करोड़। मथुरा-वृंदावन में दस करोड़। पूरे प्रदेश में कुल एक सौ छप्पन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक आए। 1919 के मुकाबले सैकड़ों प्रतिशत की बढ़ोतरी। यह आंकड़े चीख-चीखकर कह रहे हैं कि सनातनी आस्था कमजोर नहीं हुई, बल्कि और मजबूत हुई है। श्रद्धालु मुहूर्त और उत्सव के अनुसार अपने इष्ट के दर्शन करते हैं। वे फैशन नहीं, श्रद्धा से जाते हैं। फिर ये प्रभावक क्यों कह रहे हैं कि हिंदू अस्थिर हैं। उनका उद्देश्य साफ है सनातन को छोटा बताकर एक खास धर्म को बेहतर साबित करना। फिर कहना कि मजबूत आस्था वाले एक जगह होते हैं, तुम भी वहां आ जाओ। यही काम झांसी के एक शिक्षक ने किया था। नासिक में टीम लीडरों ने किया। अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनकर वही सिलसिला चल रहा है। चेहरा अलग, जगह अलग, शब्द अलग, लेकिन मकसद एक। इनका मुख्यालय विचारधारा के रूप में पाकिस्तान से जुड़ता है। वहां बैठे कट्टरपंथी इनके वैचारिक आका हैं। प्रदर्शन पर रेटिंग देते हैं। कभी पत्रकार बनकर, कभी एक्टिविस्ट, कभी इन्फ्लुएंसर बहुरूपिये हैं।

ये भी पढ़ें

राजनीति, युद्ध और अधूरा सच: राख से उठते सवाल

ये  हिंदू आस्था की मजबूती देखकर इनकी नींद उड़ी हुई है। सनातन में कोई बंधन नहीं। कोई मजहब की तरह एक किताब या एक पैगंबर पर निर्भर नहीं। यहां सवाल पूछने की आजादी है।

तर्क करने की छूट है। प्रकृति पूजन से लेकर योग तक सब कुछ समाहित है। यही उदारता इन कट्टरों को खटकती है। वे चाहते हैं कि हिंदू भी उनके जैसे बंध जाएं। लेकिन सनातन मुक्ति का मार्ग है।

इसलिए श्रद्धालु बढ़ रहे हैं। काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लंबी कतारें। अयोध्या में रामलला के चरणों में लाखों। मथुरा में बांके बिहारी के दरबार में भक्तों का हुजूम। नए साल 2026 के आसपास भी लाखों भक्त उमड़े। तीन-तीन किलोमीटर पैदल चलकर दर्शन। यह आस्था की जीत है।गिरोह की रणनीति महीन है। एक वीडियो, एक पोस्ट, एक ट्रेंड सब कुछ शातिराना अंदाज में। लेकिन सनातनी जागरूक हो रहे हैं।

वे जानते हैं कि लचीलापन उनकी ताकत है। कट्टरता उनकी कमजोरी नहीं। नासिक जैसे मामले सामने आने से सच्चाई उजागर हो रही है। पुलिस की सूझबूझ और महिला जासूसों की बहादुरी ने गिरोह को धर दबोचा। अब सोशल मीडिया पर भी ऐसे कुतर्कों का मुकाबला तथ्यों से करना होगा।

बाबा विश्वनाथ, रामलला और बांके बिहारी के दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या खुद जवाब है। सनातन कभी कमजोर नहीं हुआ, न होगा। यह प्रचार सिर्फ आस्था पर हमला नहीं, राष्ट्र की सांस्कृतिक जड़ों पर हमला है। पाकिस्तान प्रेमी सोच वाले लोग भारत की विविधता को सहन नहीं कर पाते। वे चाहते हैं कि सनातन की उदारता को कट्टरता से बदल दिया जाए। लेकिन इतिहास गवाह है।

सनातन हजारों साल से जीवित है, क्योंकि यह बदलाव को अपनाता है, बंधता नहीं। आज जब तीर्थों पर करोड़ों भक्त पहुंच रहे हैं, तब इन गिरोहों का दुष्प्रचार बेनकाब हो रहा है। बहुरूपियों को पहचानिए। उनके कुतर्कों से सावधान रहिए। सनातन की जड़ें गहरी हैं। कोई प्रचार उन्हें हिला नहीं सकता। आस्था मजबूत है, श्रद्धा अटूट है और सनातन अमर है।

READ MORE

PBKS vs DC : प्लेऑफ की जंग में आज कौन मारेगा बाजी?

Spread the love

Somvati Amavasya
homeslider Religion

अधिमास की सोमवती अमावस्या 15 जून को, दुर्लभ संयोग को लेकर गजब का उत्साह

कई वर्षों के बाद आया है ऐसा दुर्लभ संयोग, पितृ दोष, शनि शांति के लिए शानदार दिन आचार्य धर्मेश उपाध्याय Somvati Amavasya इस वर्ष 15 को 2026 (सोमवार) को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या को विशेष धार्मिक महत्व का दिन माना जा रहा है। धर्माचार्यों के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में […]

Spread the love
Read More
BJP
Analysis homeslider

राज्यसभा में दो-तीन बहुमत से मोदी सरकार को असीम शक्तियां!

भारतीय राजनीति में 18 जून  की तारीख एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। देश के 12 राज्यों में राज्यसभा की 26 सीटों पर होने वाले चुनाव केवल सांख्यिकीय फेरबदल नहीं हैं, बल्कि ये उस संवैधानिक भविष्य की नींव रख सकते हैं जिसे भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन वर्षों से आकार […]

Spread the love
Read More
Deepika and Ranveer
Entertainment homeslider

नए घर में स्पॉट हुए दीपिका-रणवीर…खुशखबरी का इंतजार

Deepika and Ranveer  बॉलीवुड के पावर कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खास दौर का आनंद ले रहे हैं। बेटी दुआ के बाद अब दोनों अपने दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच कपल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा […]

Spread the love
Read More