बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपने मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी को स्थापित किया है। पटना के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सुबह 11 बजे उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। यह बदलाव बिहार की राजनीति में लंबे समय से चल रही सत्ता की परंपरा को तोड़ता है, जहां अब तक मुख्यमंत्री पद पर जेडीयू का वर्चस्व रहा था। इससे पहले नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद एनडीए विधायक दल ने सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना।
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सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। लगभग 26 साल पहले विधायक बनने से लेकर अब मुख्यमंत्री बनने तक उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। केवल 9 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए चौधरी ने तेजी से पार्टी में अपनी पहचान बनाई। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य के विकास के साथ-साथ गठबंधन को मजबूत बनाए रखना है। बीजेपी के लिए यह सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं बल्कि 46 साल के संघर्ष का परिणाम भी है। बिहार में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने से राज्य की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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