- डबल मर्डर के आरोपी को मेडिकल कॉलेज भेजे जाने का मामला
- घटना से डॉक्टर और फार्मासिस्ट की अवैध वसूली का हुआ खुलासा
- स्पेशल डाइट लिखने के लिए हो रही जमकर वसूली!
नया लुक संवाददाता
लखनऊ। बदायूं जेल में डॉक्टर की अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। डॉक्टर में बिना किसी बीमारी से ग्रसित डबल मर्डर के आरोपी बंदी को जेल के बाहर सुविधाएं दिलाए जाने के लिए मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया। मामले की खुलासा होने पर जिला प्रशासन के निर्देश पर हुए मेडिकल परीक्षण में बंदी को किसी प्रकार की कोई गंभीर बीमारी न होने की बात कहकर जेल वापस कर दिया। डीएम ने बगैर किसी की अनुमति के मेडिकल कॉलेज भेजे जाने की जांच एसडीएम को सौंपकर रिपोर्ट मांगी है। इससे जेल प्रशासन के जेल के डॉक्टर और स्टाफ में हड़कंप मचा हुआ है। डॉक्टर की उगाही का यह मामला जेलकर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ये भी पढ़ें
ईरान युद्ध का असर: मजबूत अर्थव्यवस्था, लेकिन कमजोर प्रबंधन ने बढ़ाई चिंता
मिली जानकारी के मुताबिक एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को जिला जेल से बिना विधिवत अनुमति मेडिकल कॉलेज भेजे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने आईं हैं। सूत्रों के मुताबिक बीते बुधवार की देर रात जेल प्रशासन ने अचानक अजय प्रताप सिंह को इलाज के नाम पर राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इतने संवेदनशील और चर्चित मामले के आरोपी को मेडिकल कॉलेज भेजे जाने की जानकारी न तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और न ही जिला प्रशासन को ही अवगत कराया गया। इस कार्रवाई के सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को प्रशासनिक और पुलिस महकमे में अफरातफरी का माहौल बन गया।
ये भी पढ़ें
होर्मुज पर टकराव तेज: ट्रंप की नाकाबंदी के ऐलान के बाद ईरान की दूसरी बड़ी चेतावनी
मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने आरोपी की जांच की, लेकिन उसे किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं पाई गई। इसके बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि आरोपी की सामान्य जांच के बाद उसे स्वस्थ पाकर वापस भेजा गया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस आधार पर और किन परिस्थितियों में जेल प्रशासन ने बिना अनुमति के आरोपी को मेडिकल कॉलेज भेजा। इतना ही नहीं आरोपी के करीबियों से मिलीभगत कर उसे विशेष सुविधा देने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
ये भी पढ़ें
क्या युद्ध और घृणा पर टिका होगा नया विश्व? ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष ने खड़े किए बड़े सवाल
बॉजेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बंदायू जेल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने जेल में अवैध वसूली का आतंक मचा रखा है। सूत्रों के कहना है कि जेल में बीमार बंदियों के बजाए मोटा सुविधा शुल्क लेकर स्वस्थ बंदियों को विशेष आहार (स्पेशल डाइट) लिखी जाती है। बताया गया है स्वस्थ बंदियों को स्पेशल डाइट लिखने के लिए खुलेआम पांच सौ से आठ सौ रुपए वसूल किए जाते है। इसके साथ ही जेल अस्पताल में बंदियों के भर्ती और जेल के बाहर जिला अस्पताल भेजे जाने के लिए मोटी रकम वसूल की जा रही है।
