शाश्वत तिवारी
वाशिंगटन।‘भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा’ पोर्टल को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने वर्चुअली लॉन्च किया। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य को गति देना है। यह पोर्टल भारतीय निर्यातकों और अमेरिकी आयातकों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा, जिससे व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सकेगा। तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर पहुंचे मिसरी ने इस अवसर पर कहा कि यह पोर्टल दोनों देशों के बीच व्यापार को मजबूत करने का माध्यम बनेगा। इससे मौजूदा आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूती मिलेगी और नए व्यावसायिक संबंध विकसित करने में मदद मिलेगी।
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माना जा रहा है कि इससे MSME और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह मंच विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर अवसर प्रदान करने और उनकी बाजार तक पहुंच को आसान बनाने पर केंद्रित है। यह डिजिटल पहल दोनों देशों की आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) को सुदृढ़ करेगी और नए वाणिज्यिक जुड़ाव बनाने में मदद करेगी।लॉन्च कार्यक्रम के दौरान अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा भी उपस्थित थे। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी भारतीय व्यवसायों और निर्यातकों से इस पोर्टल का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संबंध में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए लिखा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज वर्चुअली भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा पोर्टल लॉन्च किया। इसका मकसद व्यापार के नए अवसर खोलना, व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाना, MSME और स्टार्टअप्स को सहयोग देना और 2030 तक 500 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को पाने की कोशिशों को तेज करना है। जायसवाल ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि यह पोर्टल भारत और अमेरिका के बीच व्यापार की पूरी क्षमता को सामने लाने की दिशा में एक और कदम है। उन्होंने इस पहल को डिजाइन करने और इसे आगे बढ़ाने में न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास की भूमिका की भी सराहना की। विदेश सचिव अपने इस दौरे के दौरान अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर व्यापार और रक्षा संबंधों की समीक्षा भी करेंगे। साथ ही वैश्विक मुद्दों, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा करेंगे।
