नया लुक डेस्क
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि तय समय सीमा के भीतर जलडमरूमध्य को खोल दिया जाए, वरना बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच, इज़राइली सेना ने ईरान पर हवाई हमलों की घोषणा की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान और पास के शहर कराज में जोरदार विस्फोट हुए हैं। ईरान की रेड क्रिसेंट संस्था ने दावा किया है कि राजधानी के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है, जहां राहत और बचाव कार्य जारी है।
अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि “ऑपरेशन फ्यूरी” के तहत ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने की रणनीति अपनाई जा रही है। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो आने वाले हमले और भी ज्यादा विनाशकारी होंगे।
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वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। दक्षिणी इज़राइल की ओर कई मिसाइलें दागी गईं, जिससे कई इलाकों में सायरन बज उठे। इसके अलावा ईरान ने सऊदी अरब की ओर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें अल-जुबैल जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित हुए। सऊदी अरब ने अपनी हवाई रक्षा प्रणाली के जरिए सात बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। वहीं संभावित हमले के खतरे को देखते हुए सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाले किंग फहद कॉज़वे पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। लेबनान की राजधानी बेरूत में भी इज़राइली हवाई हमले में चार लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई इमारतें और वाहन तबाह हो गए हैं।
इस बीच, तेहरान में एक यहूदी प्रार्थना स्थल के ध्वस्त होने की भी खबर सामने आई है। लगातार हो रहे हमलों के बीच ईरान ने अपने युवाओं से ऊर्जा संयंत्रों के आसपास मानव श्रृंखला बनाकर समर्थन दिखाने का आह्वान किया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान ने तय समय तक समझौता नहीं किया, तो उसके पुल और बिजली संयंत्र पूरी तरह नष्ट कर दिए जाएंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि “ईरान पाषाण युग में लौट सकता है।
