भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंका में लगाई ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ प्रदर्शनी

Untitled 2 copy 2
शाश्वत तिवारी
शाश्वत तिवारी

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने बक पूर्णिमा पोया के अवसर पर वेलिसारा के मूलगंधकुटी पिरिवेन महा विहार में ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में आधुनिक भारतीय कला के महान कलाकारों की पेंटिंग्स दिखाई गई, जिनमें भगवान बुद्ध के जीवन और उनकी शिक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रसंगों को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय विदेश मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के सहयोग से किया गया। इस दौरान मुख्य कला प्रदर्शनी के साथ-साथ, भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत पर भी एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें पूरे भारत के प्रमुख बौद्ध स्थलों को प्रदर्शित करके दोनों देशों के बीच प्राचीन समय से चले आ रहे साझा आध्यात्मिक संबंधों को दिखाया गया।

पश्चिम बंगाल के मालदा में जजों को बनाया बंधक

भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा इस प्रदर्शनी में आधुनिक भारतीय कला के दिग्गजों द्वारा भगवान बुद्ध के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही, भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें भारत के प्रमुख बौद्ध स्थलों को दर्शाया गया। इसके अतिरिक्त, भिक्षु छात्रों और धम्म विद्यालय के बच्चों को ‘सिंहली जातक कथाओं’ से जुड़ी पुस्तकें भी वितरित की गईं, ताकि अगली पीढ़ी तक शाश्वत मूल्यों को पहुंचाया जा सके। उल्लेखनीय है कि ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ प्रदर्शनी एक चलती-फिरती यानी मोबाइल एक्जीबिशन है, जिसने श्रीलंका के विभिन्न स्थानों का दौरा किया है। इनमें मालिगाकंडा स्थित महा बोधि अग्रश्रावक विहार और  जयवर्धनेपुरा कोट्टे स्थित  सुनेत्राराम मंदिर शामिल हैं। इसे मूल रूप से नई दिल्ली स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (NGMA) द्वारा क्यूरेट किया गया था। इस प्रदर्शनी के समय आगंतुकों के लिए एक डिजिटल इमर्सिव अनुभव भी शामिल किया जाता है, जो बौद्ध कला के आध्यात्मिक सार को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करता है।

मालदा कांड सुनियोजित साजिश’, सुप्रीम कोर्ट की बंगाल सरकार को कड़ी फटकार

भारत और श्रीलंका के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध कई हजार साल पुराने माने जाते हैं, जिनकी जड़ें धर्म, भाषा और साझा विरासत में गहराई से जुड़ी हैं। इन संबंधों का आधार मुख्य रूप से बौद्ध धर्म और रामायण काल की साझा गाथाएं हैं। दोनों देशों के बीच ‘सांस्कृतिक सहयोग समझौता’ भी है। भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में श्रीलंका की मदद करता रहा है। वर्तमान में भारत त्रिंकोमाली के थुकोनेश्वरम मंदिर के जीर्णोद्धार, अनुराधापुरा महाबोधि मंदिर परिसर में ‘सेक्रेड सिटी’ के विकास और नुवारा एलिया में सीता एलिया मंदिर के निर्माण में सहयोग कर रहा है।

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider

आज शुक्रवार को इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

Today’s Horoscope मेष : आज आप अपनों को अपने प्रति बड़ा मददगार पाएंगे और उनके छोटे-छोटे प्रयास भी आपके दिल को छू लेंगे। आज अपने आत्मविश्वास से अपने काम के रास्ते में आने वाली सभी कठिनाइयों को आप आसानी से पार कर सकेंगे। आपको सिर्फ अपने दृष्टिकोण को सकारात्मक रखना होगा। कहीं दूर से आर्थिक […]

Spread the love
Read More
India-Africa Relations
International

भारत-अफ्रीका दोस्तीः कोटे डी आइवर में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ बने विदेश राज्यमंत्री

शाश्वत तिवारी India-Africa Relations:  भारत और अफ्रीका के बीच प्रगाढ़ होते द्विपक्षीय और रणनीतिक रिश्तों को एक नया आयाम मिला है। भारत के विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने पश्चिम अफ्रीकी देश कोटे डी आइवर (आइवरी कोस्ट) का एक बेहद महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरा किया। यह उच्च स्तरीय यात्रा कोटे डी आइवर सरकार के विशेष निमंत्रण पर […]

Spread the love
Read More
Return of 12 sailors from Yemenk
International

यमन में भारतीय दूतावास का सफल ऑपरेशन, 12 नाविकों की वतन वापसी

शाश्वत तिवारी Return of 12 sailors from Yemenk:  युद्धग्रस्त यमन से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय और खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावासों के कूटनीतिक समन्वय से यमन में फंसे ‘MSV फ़ैज़ नूर ओलिया’ जहाज़ के 12 भारतीय क्रू सदस्यों को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया गया है। […]

Spread the love
Read More