देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल IndiGo के फ्लाइट ऑपरेशन्स में इस साल गर्मियों के दौरान करीब 10 प्रतिशत की कटौती की गई है। यह फैसला नागर विमानन नियामक DGCA द्वारा जारी किए गए नए डोमेस्टिक समर फ्लाइट शेड्यूल के तहत लिया गया है। इस कदम के पीछे मुख्य वजह पिछले साल दिसंबर में आई परिचालन संबंधी दिक्कतें हैं। उस दौरान इंडिगो को बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी थीं, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार अधिकारियों ने अधिक सतर्कता दिखाई है।
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नए शेड्यूल के अनुसार, 29 मार्च से 24 अक्टूबर तक के लिए उड़ानों की संख्या तय की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल जहां हर हफ्ते लगभग 25,610 फ्लाइट्स संचालित की जाती थीं, वहीं इस बार यह संख्या घटकर करीब 23,049 रह जाएगी। यानी हर सप्ताह लगभग 2,561 उड़ानों की कमी देखने को मिलेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह कटौती अस्थायी है और इसका उद्देश्य संचालन को सुचारू बनाए रखना है। एयरलाइंस के पास पर्याप्त विमान, पायलट और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद ही उड़ानों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।
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DGCA ने इस बार शेड्यूल को मंजूरी देते समय विशेष ध्यान रखा है कि किसी भी एयरलाइन को जरूरत से ज्यादा दबाव में न डाला जाए। इससे यात्रियों को भी बेहतर सेवा मिल सकेगी और अचानक रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या कम होगी।इंडिगो की योजना है कि अप्रैल से वह रोजाना लगभग 2,000 फ्लाइट्स के साथ संचालन शुरू करे। हालांकि, यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है, अगर हालात अनुकूल रहते हैं।यह फैसला न केवल एयरलाइन के लिए बल्कि पूरे एविएशन सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि अब नियामक संस्थाएं सिर्फ विस्तार पर नहीं, बल्कि स्थिरता और विश्वसनीयता पर भी ध्यान दे रही हैं।
