ईरान समर्थित हैकर्स का बड़ा हमला, FBI डायरेक्टर का ईमेल हुआ हैक

नया लुक डेस्क

ईरान से जुड़े हैकरों ने अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) को बड़ा झटका दिया है। हैकरों ने FBI डायरेक्टर काश पटेल के पर्सनल ईमेल अकाउंट को हैक करने का दावा किया है। इस साइबर हमले में उनकी निजी तस्वीरें और कथित रिज्यूमे तक लीक कर दिए गए हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी यूनाइटेड स्टेट्स न्याय विभाग ने इस हैकिंग की पुष्टि की है, हालांकि लीक हुए डेटा की गंभीरता पर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

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क्या है पूरा मामला?

ईरान समर्थित माने जाने वाले हैकर ग्रुप “हंडाला हैक टीम” ने अपनी वेबसाइट पर दावा किया कि उन्होंने काश पटेल के पर्सनल ईमेल इनबॉक्स तक पहुंच बना ली। हैकर्स ने 2010 से 2019 के बीच के ईमेल्स का डेटा जारी करने की बात कही है, जिसमें निजी बातचीत और कुछ आधिकारिक कम्युनिकेशन शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, लीक किए गए डेटा के कुछ नमूनों की जांच के बाद ये असली प्रतीत होते हैं, लेकिन स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। FBI ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

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हंडाला हैक टीम कौन है?

“हंडाला हैक टीम” को ईरान से जुड़ा साइबर ग्रुप माना जाता है। अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि यह समूह ईरान की खुफिया तंत्र के समर्थन से काम करता है। हाल ही में FBI और न्याय विभाग ने इस ग्रुप से जुड़ी कई वेबसाइट्स जब्त की थीं। इसके बावजूद यह समूह नए प्लेटफॉर्म्स के जरिए साइबर हमले जारी रखे हुए है। यह ग्रुप पहले भी अमेरिकी कंपनियों और इजराइल से जुड़े लोगों को निशाना बना चुका है और डेटा लीक के कई दावे कर चुका है।

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कौन हैं काश पटेल?

काश पटेल अमेरिका के मौजूदा FBI डायरेक्टर हैं। वे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी माने जाते हैं और फरवरी 2025 में FBI प्रमुख बनाए गए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया मामलों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

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क्यों बढ़ी सुरक्षा चिंता?

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हमले यह दिखाते हैं कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के पर्सनल ईमेल अकाउंट भी सुरक्षित नहीं हैं। पर्सनल अकाउंट्स अक्सर ऑफिसियल सिस्टम्स की तुलना में कम सुरक्षित होते हैं, जिससे हैकर्स को सेंध लगाने का मौका मिल जाता है।

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बढ़ता साइबर युद्ध

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच साइबर हमले एक नया मोर्चा बनते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच लगातार हैकिंग और जवाबी कार्रवाइयों की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिकी सरकार ने इस घटना के बाद अधिकारियों और नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने ईमेल अकाउंट्स में मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा व्यवस्था अपनाएं।

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