नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के शुरू होने से पहले ही टूर्नामेंट पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। बांग्लादेश सरकार ने अपने खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। खेल मंत्री अमीनुल हक ने साफ कर दिया है कि यदि पाकिस्तान में सुरक्षा को लेकर किसी तरह की चिंता सामने आती है, तो बांग्लादेशी खिलाड़ियों को PSL में खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। PSL 2026 का आगाज 26 मार्च से होना है, लेकिन मौजूदा हालात ने तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान में हालिया तनाव और संसाधनों से जुड़ी चुनौतियों के चलते टूर्नामेंट के आयोजन पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अपना नाम वापस ले चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ खिलाड़ी अब IPL को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे PSL की चमक फीकी पड़ती दिख रही है।
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BCB के फैसले का इंतजार
खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि अंतिम फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की रिपोर्ट और सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा में कोई समस्या हुई तो हमारे खिलाड़ी पाकिस्तान नहीं जाएंगे। पहले BCB स्थिति स्पष्ट करे, उसके बाद ही हम निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार खेल के खिलाफ नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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छह खिलाड़ियों को मिली NOC, फिर भी संशय
बांग्लादेश के छह खिलाड़ियों-मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन इमोन, शोरिफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजिद हसन तमीम और रिशाद हुसैन को PSL में खेलने के लिए NOC मिल चुकी है, लेकिन सरकार के रुख के बाद उनकी भागीदारी पर सस्पेंस बरकरार है। इस बार PSL के मुकाबले केवल कराची और लाहौर में खेले जाएंगे, जिससे सुरक्षा और आयोजन को लेकर दबाव और बढ़ गया है।
