आज है पापमोचनी एकादशी व्रत, भगवान विष्णु की पूजा से मिलती है पापों से मुक्ति

Untitled 1 copy 13

राजेन्द्र गुप्ता

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने में 2 एकादशी पड़ती है। पहली कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष की एकादशी को। हर एक एकादशी का अपना-अपना महत्व है। इन्हीं में से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक  मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने से जातक को पापों से मुक्ति मिल जाती है और जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।

पापमोचनी एकादशी शुभ मुहूर्त

  • चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आरंभ- 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से
  • चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त- 15 मार्च को सुबह 09 बजकर 16 मिनट पर
  • पापमोचनी एकादशी 2026 तिथि- 15 मार्च 2026, रविवार

पापमोचनी एकादशी के पारण का समय

द्रिक पंचांग के अनुसार, पापमोचनी एकादशी व्रत का पारण 16 मार्च को सुबह 6 बजकर 30 मिनट से सुबह 8 बजकर 54 मिनट के बीच कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें

दशामाता व्रत आज: परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सुहागिन महिलाओं का विशेष व्रत

खरमास में पड़ेगी पापमोचनी एकादशी

सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने को मीन संक्रांति कहा जाता है। इस साथ ही खरमास आरंभ हो जाते हैं, जो पूरे एक माह तक चलेंगे। इस दौरान शुभ कामों को करने की मनाही होती है। इस दौरान भगवान विष्णु के साथ सूर्य देव की पूजा करने का विशेष महत्व है। इसके अलावा पापमोचनी एकादशी को दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति हो सकती है।

पापमोचनी एकादशी पूजा विधि

एकादशी के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नान करें। इसके पश्चात स्वच्छ और पीले रंग के वस्त्र धारण करें। श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें तथा पूजा प्रारंभ करें। सबसे पहले भगवान श्रीहरि का शुद्ध जल और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें पुष्प, माला, गंध, पीला चंदन और अक्षत अर्पित करें। तत्पश्चात फल, मिठाई, तुलसी दल तथा अन्य नैवेद्य अर्पित करें और अंत में आचमन के लिए जल समर्पित करें।पूजन के समय घी का दीपक जलाएं और धूप प्रज्वलित करें। भक्ति भाव से विष्णु मंत्र, विष्णु चालीसा और एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। पूजा संपन्न होने पर भगवान विष्णु की आरती करें और यदि अनजाने में कोई त्रुटि हुई हो तो उनसे क्षमा याचना करें। पूरे दिन नियम, संयम और श्रद्धा के साथ व्रत का पालन करें। अगले दिन प्रातः स्नान करके पुनः भगवान विष्णु की पूजा करें और शास्त्रों के अनुसार विधिपूर्वक व्रत का पारण करें।

ये भी पढ़ें

चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू होगा सनातन नववर्ष विक्रम संवत् 2083

पापमोचनी एकादशी व्रत का महत्व

द्रिक पंचांग के अनुसार, पापमोचन का शाब्दिक अर्थ है ‘पापों का निवारण करने वाला’। लोमश ऋषि के अनुसार, श्रद्धापूर्वक यह व्रत रखने से ब्रह्महत्या (ब्राह्मण की हत्या) जैसे गंभीर पाप भी क्षमा हो जाते हैं। यह व्रत आमतौर पर एक दिन का होता है, लेकिन यदि तिथि सूर्योदय के समय पड़ती है, तो सच्चे भक्त या मोक्ष की तलाश करने वाले दो दिन का व्रत भी रख सकते हैं।

Spread the love

Untitled 1 copy
homeslider International

एविएशन सेक्टर पर गहराया संकट: क्या ज़मीन पर खड़ी हो जाएंगी देश की उड़ानें? FIA की सरकार को चेतावनी

नई दिल्ली। भारतीय विमानन क्षेत्र इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। आसमान की ऊंचाइयों को छूने वाली एयरलाइंस अब ज़मीन पर आने की कगार पर हैं। लगातार बढ़ती तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने एयरलाइंस कंपनियों की कमर तोड़ दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फेडरेशन ऑफ […]

Spread the love
Read More
Untitled 20 copy
homeslider Religion

प्रदोष व्रत आज: महादेव की कृपा पाने का शुभ दिन, जानें पूजा विधि और जरूरी नियम

राजेन्द्र गुप्ता हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत अधिक महत्व है। मान्यता है कि जो लोग इस शुभ दिन पर व्रत रखते हैं उन्हें सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।  प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव […]

Spread the love
Read More
Horoscope 1
Astrology homeslider

नौकरी बदलने का योग! बुधवार को चमकेगी इन राशियों की किस्मत

ये बात सौ फीसदी सच है कि जीवन कर्म के हिसाब से चलता है, पर ये भी इतना ही सच है कि ग्रहों का साथ और इसकी दिशा-दशा भी आपके उतार-चढ़ाव, सफलता और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं। ग्रहों की दिशा और दशा बदलती रहती है और उसी हिसाब से भविष्य फल […]

Spread the love
Read More