- ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को एक ही परिसर में मिलेगी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए विद्यालय
- निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे होंगे विद्यालय निर्माण कार्य
लखनऊ। प्रदेश में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई एक ही परिसर में कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक संसाधनों से युक्त शिक्षा मिल सकेगी। बता दें कि इन विद्यालयों की स्थापना से प्रदेश में समग्र, आधुनिक और समावेशी शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव प्राप्त होगी।
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कई जिलों में जारी हुए निर्माण के शासनादेश
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद, बहराइच, चंदौली, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, कौशांबी, फर्रुखाबाद, अमेठी और उन्नाव सहित कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए शासनादेश जारी किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं के लिए प्रत्येक विद्यालय पर लगभग 23 से 28 करोड़ रुपये तक की लागत स्वीकृत की गई है तथा प्रथम किश्त के रूप में कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि भी जारी कर दी गई है।
एक ही परिसर में आधुनिक शिक्षा की पूरी व्यवस्था
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को एकीकृत और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक शैक्षिक संसाधन विकसित किए जाएंगे। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर शैक्षिक अवसर
उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के निर्माण से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार मिलेगा।
निर्धारित समय-सीमा में पूरा होगा निर्माण
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
नामित संस्थाओं के माध्यम से होगा निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कंसल्टेंसी एंड डिजाइन सर्विसेज (उ.प्र. जल निगम), उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम तथा आवास एवं विकास परिषद जैसी नामित कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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