शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1300 अंक टूटा, निवेशकों की बढ़ी चिंता

market crash 3 1773227085

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। कारोबारी सत्र के अंत में BSE Sensex 1,342 अंकों से अधिक टूटकर 76,863 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी करीब 395 अंकों की गिरावट के साथ 23,866 के आसपास बंद हुआ। बाजार में कमजोरी का असर लगभग सभी सेक्टरों में देखने को मिला और बड़ी संख्या में शेयर लाल निशान में बंद हुए।

बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को माना जा रहा है। हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में निवेश निकालना शुरू किया है। जब विदेशी निवेशक बड़े पैमाने पर शेयर बेचते हैं तो बाजार पर दबाव बढ़ जाता है और सूचकांक नीचे आने लगते हैं।

हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने कुछ हद तक खरीदारी जरूर की, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर ज्यादा भारी पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।

दूसरा बड़ा कारण मुनाफावसूली को माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी और कई शेयरों ने ऊंचे स्तर छू लिए थे। ऐसे में कई निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए शेयर बेचने शुरू कर दिए। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और कई बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

ब्लॉकबस्टर के बाद भी खाली बैठीं अभिनेत्री, बोलीं- ‘एक प्रोड्यूसर की वजह से बिगड़ गया पूरा करियर प्लान’

सोने ने तोड़ा रिकॉर्ड, ₹1.50 लाख के पार पहुंचा, चांदी में भी जोरदार उछाल

ऑटो, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में खास तौर पर दबाव रहा। इन सेक्टरों की बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट से सूचकांकों पर और अधिक असर पड़ा।

तीसरा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। खासकर Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशकों को डर है कि यदि यह स्थिति लंबी चली तो इसका असर तेल की कीमतों, महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होते हैं और विदेशी निवेशक दोबारा खरीदारी शुरू करते हैं, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है।

Spread the love

Jantar Mantar demonstration
Analysis homeslider Politics

जंतर-मंतर की तीन तस्वीरें 2027 में BJP के लिए बड़ा सियासी खतरा बनेंगी

Jantar Mantar demonstration 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को जो तस्वीर बनी, वह महज एक विरोध प्रदर्शन की तस्वीर नहीं थी। संसद से जंतर-मंतर तक हाथों में तख्तियां लेकर बढ़ते समाजवादी पार्टी के सांसद, पुलिस कार्रवाई से परेशान युवाओं के बीच बैठी डिंपल यादव, सरकार पर सीधे सवाल उठाती इकरा हसन और आक्रामक तेवरों […]

Spread the love
Read More
Exploitation of farmers and consumers
Analysis homeslider National

आढ़तियों के चंगुल में ग्राहक-किसान, सरकार लाचार

“Exploitation of farmers and consumers”: भारतीय कृषि व्यवस्था की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि खेत की मिट्टी से उपज उगाने वाला किसान और रसोई घर का बजट संभालने वाला आम ग्राहक, दोनों एक ही चक्रव्यूह के दो अलग-अलग शिकार हैं। किसान दिन-रात पसीना बहाकर फसल तैयार करता है, लेकिन जब वह बाजार पहुंचता है […]

Spread the love
Read More
homeslider National

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कन्हैया कुमार का तीखा तंज, बोले- ‘अब नरेंद्र की बारी है’

Kanhaiya Kumar Statement : NEET परीक्षा विवाद और पेपर लीक मामले को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इसे छात्रों के आंदोलन की जीत बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने इस मुद्दे पर केंद्र […]

Spread the love
Read More