- गैस एजेंसियों पर लंबी लाइन, 1500 रुपये में सिलेंडर की ब्लैकिंग की चर्चा
- प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने चेताया कि ऐसा करता कोई दिखते करें जबरदस्त कार्रवाई
नया लुक संवाददाता
गोरखपुर/लखनऊ। पश्चिम मध्य एशिया में चल रहे तनानती के बीच भारत के लिए बड़ी परेशानी खड़ी होती दिख रही है। ईरान, यूनाइडेट स्टेट, और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश में भी ईंधन जैसी चीजों का असर देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण कई जगहों पर गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों में घबराहट फैल गई है।
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बताया जा रहा है कि गोरखपुर और आसपास के जिलों में मंगलवार को कई गैस एजेंसियों पर अचानक लंबी कतारें लग गईं। लोगों को आशंका है कि अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने से गैस और ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी डर के कारण बड़ी संख्या में लोग घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच गए। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा सामने आई है कि कुछ जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर 1500 रुपये तक में ब्लैक में बेचे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों में चिंता का माहौल जरूर बन गया है।
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उधर सोमवार रात गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में रात आठ बजे के बाद कई पेट्रोल पम्पों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध न होने की भी बातें सामने आईं, जिससे अफवाहों को और हवा मिल गई। हालांकि तेल कंपनियों ने इस तरह की किसी भी कमी से इनकार किया है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन लि. (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (HPCL) का कहना है कि ईंधन और गैस की आपूर्ति सामान्य है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लगातार फैल रही खबरों से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में स्पष्ट जानकारी दी जाए और यदि कहीं कालाबाजारी हो रही है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन से यह भी मांग की जा रही है कि गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ाई जाए ताकि अफवाहों और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रमुख सचिव खाद्य रणवीर प्रसाद कहते हैं कि ऐसा करता हुआ कोई पाया गया तो उसका पेट्रोल पम्प और गैस एजेंसी सीज कर दी जाएगी।
