- स्पीकर ओम बिरला पर प्रस्ताव और ईरान मुद्दे पर चर्चा की तैयारी
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है और इसके साथ ही राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में स्पीकर को पद से हटाने के प्रस्ताव को लेकर चर्चा की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष की ओर से दिए गए इस नोटिस ने संसद के माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
लोकसभा स्पीकर Om Birla के खिलाफ यह प्रस्ताव कांग्रेस के कुछ सांसदों की ओर से लाया गया है। इस नोटिस में स्पीकर के कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए हैं। संसदीय परंपराओं के अनुसार, यदि ऐसा प्रस्ताव सूचीबद्ध होता है तो उस पर सदन में चर्चा की जा सकती है। इसी संभावना को देखते हुए सत्तारूढ़ दल ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप भी जारी किया है।
बजट सत्र का पहला चरण जनवरी के अंत में शुरू हुआ था, जिसमें 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया था। अब दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर अप्रैल की शुरुआत तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई विधायी कार्यों और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करने की योजना बना रही है।
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इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी संसद में चर्चा होने की संभावना है। विदेश मंत्री S. Jaishankar पश्चिम एशिया की स्थिति और ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर दोनों सदनों में बयान दे सकते हैं। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति को प्रभावित किया है, इसलिए भारत का आधिकारिक रुख भी अहम माना जा रहा है।
संसदीय मामलों के मंत्री Kiren Rijiju ने भी सत्र की शुरुआत से पहले प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद के महत्वपूर्ण सत्र की शुरुआत इस तरह के प्रस्ताव से होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, विपक्ष को संवैधानिक पदों की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र का यह चरण काफी अहम होने वाला है। एक ओर सरकार अपनी नीतियों और विधेयकों को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
