हर साल आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान को पहचानने के लिए समर्पित होता है। महिलाएं परिवार और समाज की रीढ़ मानी जाती हैं। घर हो या अस्पताल, ऑफिस हो या कोई और जिम्मेदारी – महिलाएं हर जगह अपनी अहम भूमिका निभाती हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि दूसरों का ख्याल रखने वाली महिलाएं खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। महिला दिवस के मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव ने महिलाओं की सेहत को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। उनका कहना है कि एक मजबूत महिला वही होती है जो दूसरों के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में कई बीमारियों का खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा होता है। खासकर हार्ट डिजीज, मोटापा, हार्मोनल समस्याएं और लिगामेंट इंजरी जैसी परेशानियां महिलाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक हर साल महिलाओं की सबसे ज्यादा मौत दिल की बीमारियों के कारण होती है। आजकल महिलाओं में मोटापा और खासकर पेट की चर्बी तेजी से बढ़ रही है। यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों की बड़ी वजह बन सकता है। इसलिए महिलाओं को अपनी दिनचर्या में योग और नियमित व्यायाम जरूर शामिल करना चाहिए। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और वजन नियंत्रित रहता है।
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इसके अलावा महिलाओं में हार्मोनल समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। PCOS, थायरॉइड, अनियमित पीरियड्स और मेनोपॉज जैसी समस्याएं आज आम हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गलत खानपान, तनाव और अनियमित जीवनशैली इसके मुख्य कारण हैं। बाबा रामदेव के अनुसार महिलाओं को अपनी मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए नियमित योगासन करना चाहिए। वीरभद्रासन, वृक्षासन और सेतुबंधासन जैसे योगासन शरीर को मजबूत बनाते हैं और लिगामेंट को सुरक्षित रखते हैं। महिला दिवस के मौके पर यह जरूरी है कि महिलाएं सिर्फ दूसरों की देखभाल ही न करें बल्कि अपनी सेहत को भी प्राथमिकता दें। स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ परिवार और समाज की नींव होती है।
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