लखनऊ। सहारा समूह से जुड़े वित्तीय मामलों और संपत्तियों की कथित खरीद-फरोख्त की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम शुक्रवार को लखनऊ स्थित सहारा शहर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और संपत्तियों के लेन-देन से जुड़े अहम कागजात अपने कब्जे में लिए। सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता से आई ईडी की चार सदस्यीय टीम नगर निगम के अधिकारियों के साथ सहारा शहर पहुंची। टीम ने परिसर में मौजूद विभिन्न कार्यालयों और रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इस दौरान संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े कई अहम सुराग सामने आए, जिनके आधार पर आगे की जांच को तेज किया जा सकता है।
तीन घंटे तक चली जांच, कई दस्तावेज जब्त
ईडी की टीम ने लगभग तीन घंटे तक सहारा शहर के भीतर रिकॉर्ड खंगाले। जांच के दौरान अधिकारियों ने जमीन और अचल संपत्तियों से संबंधित कई फाइलें और दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों से सहारा समूह की संपत्तियों के लेन-देन और स्वामित्व से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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झलवा गांव की जमीन से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान आईआईएम रोड स्थित झलवा गांव की जमीनों से जुड़े कागजात भी ईडी के हाथ लगे हैं। आरोप है कि इन जमीनों को सहारा प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों द्वारा निजी बिल्डरों को बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। ईडी अब इन लेन-देन की वैधता और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पहले से चल रही जांच
ईडी सहारा समूह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज मामले में पिछले कई महीनों से जांच कर रही है। इससे पहले भी एजेंसी देश के विभिन्न हिस्सों में सहारा समूह से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। जांच एजेंसी को आशंका है कि समूह की कुछ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त नियमों और न्यायालय के निर्देशों के विपरीत की गई हो सकती है।
1500 करोड़ से अधिक की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं जब्त
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान अब तक सहारा समूह से जुड़ी करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यह आरोप सामने आते रहे हैं कि समूह से जुड़े कुछ लोग गुप्त रूप से जमीनों और अन्य संपत्तियों के सौदे कर रहे हैं।
नगर निगम के कब्जे में है सहारा शहर
गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले नगर निगम ने सहारा शहर को अपने प्रशासनिक नियंत्रण में ले लिया था। इसी वजह से ईडी की टीम नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में परिसर के भीतर पहुंची और वहां मौजूद दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय के आवास और कार्यालय से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले।
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तीन राज्यों में भी हुई थी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, सहारा समूह की संपत्तियों से जुड़े सुराग मिलने के बाद ईडी ने हाल ही में तीन राज्यों में समूह के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन कार्रवाइयों के बाद अब उत्तर प्रदेश में बेची गई जमीनों और संपत्तियों की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दस्तावेजों की जांच और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के बाद इस पूरे मामले में कई और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
