उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू। नेपाल पुलिस के 33 वें महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की ने अपने कार्यकाल के सुनहरे 100 दिनों की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की है। उन्होंने 27 कार्तिक 2082 से संगठन का नेतृत्व संभालने के बाद जवाबदेही, पारदर्शिता, तकनीक-आधारित पुलिसिंग और नागरिक मैत्री सेवा को प्राथमिकता दी है। इन 100 दिनों में नीतिगत स्पष्टता, अनुशासन सुदृढ़ीकरण और वैज्ञानिक अपराध अनुसंधान प्रणाली को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला पुलिस कार्यालयों के मासिक कार्य मूल्यांकन के लिए नई मार्गदर्शिका लागू की गई है। पुलिस कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन सहुलियत कर्जा प्रणाली शुरू की गई तथा राशन स्केल में असमानता दूर करते हुए नई सामग्री जोड़ी गई। सातों प्रदेशों में सुरक्षा गोष्ठियां आयोजित की गईं और “पुलिस प्रबंधन और परिचालन” विषय पर रणनीतिक सम्मेलन किया गया।
प्रहरी प्रधान कार्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं एडवांस एनालिटिक्स सेल की स्थापना की गई। विभिन्न स्थानों पर सात नए पुलिस यूनिट और सेवा केंद्र भवनों का उद्घाटन हुआ तथा 12 नए कार्यालयों के लिए जमीन प्राप्त की गई। अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में जघन्य अपराधों में लगभग शत-प्रतिशत अनुसंधान सफलता का दावा किया गया है। 123 हत्या मामलों में 188 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए। 475 दुष्कर्म मामलों में 445 आरोपियों को कानून के दायरे में लाया गया। 5781 फरार अपराधियों को पकड़कर 60 वर्ष की कैद और 38 करोड़ 36 लाख से अधिक जुर्माना वसूली प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में हजारों किलो गांजा, चरस, हेरोइन सहित अन्य प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए गए। 255 अवैध हथियार जब्त किए गए और चार हजार से अधिक लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया। सामुदायिक पुलिस साझेदारी के तहत 27 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 12 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए। 456 सीसीटीवी कैमरे देशभर में लगाए गए और ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन सेवाएं शुरू की गईं।
संगठन में पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू की गई तथा शहीद पुलिस परिवारों से नियमित मुलाकात की परंपरा शुरू की गई। सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत जरूरतमंद समुदायों को राहत सामग्री वितरित की गई और शिक्षा के लिए अक्षय कोष की स्थापना की गई। महानिरीक्षक कार्की ने आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए विशेष सुरक्षा योजना भी तैयार की है। कार्तिक 27 से फागुन 8 तक के इन 100 दिनों को संगठनात्मक सुधार, सुशासन और परिणाममुखी कार्यशैली की मजबूत शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
