श्रीलंकाई नौसेना को प्रशिक्षण देने के लिए त्रिंकोमाली पहुंचा INS ‘तरंगिनी’

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    शाश्वत तिवारी

कोलंबो। भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस तरंगिनी श्रीलंका के त्रिंकोमाली पहुंचा है। भारतीय पोत श्रीलंकाई नौसेना को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से 27 फरवरी से नौ  मार्च तक श्रीलंका में रहेगा। भारत की ओर से यह कदम देश की समुद्री सहयोग पहल ‘मित्रता के सेतु’ के अंतर्गत श्रीलंका के साथ नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक आधिकारिक बयान में कहा, इंडियन नेवी का सेल ट्रेनिंग शिप INS तरंगिनी 27 फरवरी-दो मार्च 2026 तक त्रिंकोमाली और छः व नौ मार्च 2026 तक कोलंबो जा रहा है। यह शिप श्रीलंका नेवी के ट्रेनी ऑफिसर्स को हार्बर फेज और सी फेज के दौरान ओशन सेलिंग ट्रेनिंग और एक्सपीरियंस देगा। यह पोत श्रीलंकाई नौसेना के तीन अधिकारियों और 25 प्रशिक्षु अधिकारियों को समुद्री नौकायन प्रशिक्षण और समुद्री कौशल का अनुभव प्रदान करेगा।

इस शिप का मुख्य काम इंडियन नेवी और इंडियन कोस्ट गार्ड के ऑफिसर ट्रेनी को सेल ट्रेनिंग देना है। जहाज में  सात ऑफिसर और 30 नाविक हैं और एक बार में 30 कैडेट तक रह सकते हैं। बयान में कहा गया, इंडियन नेवी दुनिया की उन कुछ नौसेना में से एक है, जो इंजन और गैस टर्बाइन के इस मॉडर्न जमाने में सेल ट्रेनिंग शिप चलाती है। INS तरंगिनी को दुनिया के मशहूर यॉट डिजाइनर कॉलिन मुडी ने डिजाइन किया था और इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में देश में ही बनाया गया था। इसका मजबूत स्टील हल, एल्युमीनियम डेकहाउस और शानदार सागौन की लकड़ी से सजा हुआ है। इसकी कुल लंबाई लगभग 54 मीटर है और इसका वजन लगभग 500 टन है, जिसमें 20 पाल हैं, जिसका कुल पाल एरिया 10,000 स्क्वायर फीट से ज़्यादा है और 200 रस्सियां हैं, जिनकी लंबाई बिछाने पर 20 किलोमीटर से अधिक है।

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इस जहाज को विश्व का चक्कर लगाने वाला पहला भारतीय नौसैनिक जहाज होने का अनूठा गौरव प्राप्त है और यह उपलब्धि 2004 में हासिल की गई थी, जिसके दौरान तरंगिनी ने 18 देशों के 37 बंदरगाहों पर रुकते हुए 35,000 एनएम की दूरी तय की थी। 2008 में, जहाज ने दक्षिण पूर्व एशिया (जकार्ता, सिंगापुर और फुकेत) की ओर प्राचीन भारतीय नाविकों द्वारा लिए गए मार्गों का पता लगाया। यही वजह है कि यह भारत की समुद्री विरासत और नौसैनिक कूटनीति को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका के लिए प्रसिद्ध है।

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