- JNU ‘लांग मार्च’ पर टकराव: गेट पर रोके जाने के बाद पुलिस-छात्रों में धक्का-मुक्की
नया लुक ब्यूरो
देश की राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर सुर्खियों में है। कैंपस में हुई झड़प के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोक-झोंक हिंसक रूप ले बैठी। हालात इतने बिगड़ गए कि लाठियां चलीं और जूते-चप्पल तक फेंके जाने की नौबत आ गई। गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में गुरुवार को छात्रसंघ द्वारा कुलगुरु के खिलाफ प्रस्तावित ‘लांग मार्च’ को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। छात्रसंघ ने परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने की घोषणा की थी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परिसर से बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है और छात्रों से मार्च को कैंपस तक सीमित रखने का आग्रह किया। हालांकि, छात्रों ने परिसर से बाहर निकलने की कोशिश की, जिसके बाद गेट के पास तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। इसी दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो झड़प में बदल गई। छात्रों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धक्का-मुक्की और पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में किशनगढ़ थाने के एसएचओ भी शामिल बताए जा रहे हैं। उन्हें और अन्य घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। मिली जानकारी के अनुसार, विवाद के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर छात्रों की ओर से पथराव और धक्का-मुक्की की गई। इस झड़प में करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए बल प्रयोग किया।
इंडिगो की उड़ान, कर रही हलकान, चार घंटे रनवे पर यात्री हुए बेजान
घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैंपस और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि पूरे मामले की आंतरिक जांच भी की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर JNU को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।

