लखनऊ। आयकर विभाग ने बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर से जुड़े ठिकानों पर देर रात तक व्यापक कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार विभाग की 50 से अधिक अधिकारियों की टीम ने लखनऊ समेत 30 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई टैक्स चोरी और बेनामी संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 3 करोड़ रुपये की नगदी बरामद की जा चुकी है, जबकि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं। यह दस्तावेज विशेष रूप से सोनभद्र और मिर्जापुर में अवैध खनन गतिविधियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों में कथित रूप से कई अधिकारियों के नाम और उन्हें दी जाने वाली रकम का उल्लेख भी सामने आया है। जांच एजेंसियों को इस बात की भी आशंका है कि अवैध कमाई को विभिन्न कंपनियों के माध्यम से निवेश किया गया। छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साई राम इंटरप्राइजेज के नाम से सड़क निर्माण और खनन से जुड़े कार्य किए जाने के संकेत मिले हैं।
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इस पूरे मामले में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट भी अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट में सोनभद्र में अवैध खनन के कारण लगभग 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का जिक्र किया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर विधायक से जुड़े ठिकानों को जांच के दायरे में लिया गया। फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। इस कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
