ढुण्ढिराज गणेश चतुर्थी आज: शुभ योग में करें पूजा, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएँ

Hindu Almanac

राजेन्द्र गुप्ता  

ढुण्डिराज चतुर्थी हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व माना जाता है। इसे मनोरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भक्तजन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गणेशजी की भक्ति भाव से की गई प्रार्थनाओं से सभी मनोरथ पूरे होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का प्रवेश होता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों और मंदिरों में विशेष पूजा विधि के साथ गणेशजी की आराधना करते हैं। इस वर्ष ढुण्डिराज चतुर्थी 21 फरवरी 2026 को पड़ रही है। इस दिन शुभ, शुक्ल और रवि योग का संयोग बन रहा है, जो इस पर्व के महत्व को और भी बढ़ाता है। भक्तजन पूरे मन और श्रद्धा के साथ भगवान गणेश के सामने पूजा करते हुए अपने जीवन में खुशहाली, सफलता और मानसिक संतुलन की कामना करेंगे। यह दिन विशेष रूप से आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा होता है और इसे मनाने से परिवार और व्यक्तिगत जीवन दोनों में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है।

ढुण्डिराज चतुर्थी तिथि

द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी 20 फरवरी 2026 को दोपहर 2:37 बजे से आरंभ होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 21 फरवरी 2026 को दोपहर 1:00 बजे समाप्त होगी। इसी कारण 21 फरवरी को पूरे देश में ढुण्डिराज चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसी दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की जाती है।

क्यों मनाई जाती है ढुण्डिराज चतुर्थी?

ढुण्डिराज चतुर्थी का धार्मिक महत्व अत्यंत बड़ा है। यह पर्व भगवान गणेश के ढुण्डिराज स्वरूप की विशेष पूजा से जुड़ा है, जिन्हें भक्त अपनी सभी इच्छाओं और मनोरथों की पूर्ति करने वाला मानते हैं। मत्स्य पुराण में इसे मनोरथ चतुर्थी कहा गया है, और मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। गणेश जी को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माना जाता है, इसलिए उनकी आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और खुशहाली आती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो नई शुरुआत कर रहे हैं – जैसे नया व्यवसाय, शिक्षा या विवाह। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि इस व्रत से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। वाराह पुराण में इसे अविघ्नकर व्रत कहा गया है, जिसे चार महीने तक रखा जाता है और आषाढ़ में इसका उद्यापन किया जाता है। पुराणों के अनुसार, राजा सगर ने अश्वमेध यज्ञ की सफलता के लिए, भगवान शिव ने त्रिपुरासुर से युद्ध से पहले और भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन से पहले इस व्रत का पालन किया था। इससे स्पष्ट होता है कि यह व्रत केवल मनुष्यों के लिए नहीं, बल्कि देवताओं द्वारा भी किए जाने वाला पवित्र कर्म है।

ढुण्ढिराज चतुर्थी पूजा विधि

  • सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले या लाल वस्त्र धारण करें। हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लें: “हे ढुण्ढिराज गणेश! मैं (अपना नाम) आज आपके निमित्त संकष्टी चतुर्थी का व्रत धारण कर रहा/रही हूँ। मेरे जीवन के समस्त विघ्नों को दूर कर मुझे सही मार्ग दिखाएं।”
  • घर के मंदिर में गणेश जी की मूर्ति को पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, शक्कर) और गंगाजल से स्नान कराएं।
  • गणपति को दूर्वा (घास) अति प्रिय है। 21 दूर्वा की गांठें अर्पित करें। सिंदूर का तिलक लगाएं और लाल फूल (गुड़हल) चढ़ाएं।
  • मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। साथ ही तिल और गुड़ का नैवेद्य भी अर्पण करें। धूप-दीप जलाकर गणेश अथर्वशीर्ष या संकष्ट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
  • शाम को पुनः स्नान या हाथ-पैर धोकर पूजा करें। चंद्रमा के उदय होने पर, आकाश की ओर मुख करके जल, चंदन, अक्षत और दूध का मिश्रण एक लोटे में लें।
  •  चंद्रमा को अर्घ्य देते समय यह मंत्र बोलें: “गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते। गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥”

(अर्थ: हे गगन रूपी समुद्र के माणिक्य, दक्ष कन्या रोहिणी के पति और गणेश के प्रतिरूप चन्द्रमा! मेरे द्वारा दिया गया यह अर्घ्य स्वीकार करें।) अंत में, गणेश जी की आरती करें और परिवार में प्रसाद बांटकर अपना व्रत खोलें।

Spread the love

Nepal
Analysis homeslider

महाविलोपन: नेपाल ट्रेलर है, खतरा बहुत बड़ा

Nepal केदार घाटी में 2013 में जब लघु प्रलय उत्पन्न हुआ तो उसे केवल प्राकृतिक आपदा मान कर दुनिया आगे बढ़ गई। अब तिब्बत से लेकर नेपाल और उसके लपेटे में बिहार आया है तब भी इसको प्राकृतिक आपदा कहा जा रहा। यह नितांत झूठ है। यह मनुष्य की लोभी संस्कृति की ओर तेजी से […]

Spread the love
Read More
Police
Crime News homeslider

मानकनगर : नहर में मिले शवों की हुई शिनाख्त, पुलिस शराबी बता झाड़ा पल्ला

Police को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, छानबीन में जुटी ए अहमद सौदागर लखनऊ। दो दिन पहले मानकनगर थाना के कनौसी पुल के पास नहर में जिन दो लोगों का उतराता शव मिला उनकी पहचान महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र स्थित शनिचरहिया बाजार निवासी 32 वर्षीय हरिओम गौड़ पुत्र विशंभर व दूसरे की शिनाख्त कृष्णानगर […]

Spread the love
Read More
Astrology homeslider Religion

रक्षाबंधन पर राखी बांधने का सिर्फ तीन  घंटे 51 मिनट का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2026 : रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार इस साल  28  अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के कारण रक्षाबंधन का मुख्य पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन […]

Spread the love
Read More