फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत दौरे से पहले सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट साझा कर भारत-फ्रांस संबंधों को नई डिजिटल अभिव्यक्ति दी। उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ अपनी एक AI-जनरेटेड तस्वीर पोस्ट की, जिसमें दोनों नेता हाथों से दिल का प्रतीक बनाते नजर आ रहे हैं। तस्वीर पर स्पष्ट रूप से लिखा था—“Yes, this is AI”, जिससे यह बताया गया कि यह छवि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बनाई गई है।
मैक्रों ने अपने पोस्ट में लिखा, “जब दोस्त जुड़ते हैं, तो इनोवेशन होता है। AI इंपैक्ट समिट के लिए तैयार!” इस भावनात्मक और रचनात्मक संदेश ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा बटोरी। यूजर्स ने इसे दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों और तकनीकी सहयोग का प्रतीक बताया।
यह पोस्ट India AI Impact Summit 2026 से ठीक पहले साझा की गई। यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है और 20 फरवरी तक चलेगा। इसे ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा AI सम्मेलन माना जा रहा है। आयोजन में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, कई मंत्री और सैकड़ों टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के मुख्य विषय हैं—People, Planet और Progress।
समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ फ्रांस के राष्ट्रपति और अन्य वैश्विक नेता भी शामिल हो रहे हैं। इस मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।
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मैक्रों ने अपने दौरे के दौरान AIIMS Delhi में इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ (IF-CAIH) का उद्घाटन भी किया। यह पहल Sorbonne University और पेरिस ब्रेन इंस्टीट्यूट के सहयोग से शुरू की गई है, जिसमें IIT Delhi भी भागीदार है। इस केंद्र का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में AI आधारित रिसर्च, शिक्षा और क्लिनिकल इनोवेशन को बढ़ावा देना है।
अपने संबोधन में मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस का लक्ष्य AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और संतुलित मॉडल विकसित करना है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देश अमेरिकी और चीनी तकनीकी मॉडलों पर पूर्ण निर्भरता से बचते हुए साझा दृष्टिकोण अपनाना चाहते हैं।
AI-जनरेटेड फोटो के जरिए मैक्रों ने न केवल तकनीक के रचनात्मक उपयोग को दिखाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि डिजिटल युग में कूटनीति और नवाचार साथ-साथ चल सकते हैं।
