- रुधौली पुलिस ने किया सनसनीखेज ‘सोनू चौधरी अपहरण कांड’ का खुलासा
आशीष द्विवेदी
बस्ती। थाना रुधौली पुलिस ने क्षेत्र में सनसनी फैलाने वाले “सोनू चौधरी अपहरण कांड” का सफल अनावरण करते हुए यह स्पष्ट किया है कि अपहरण की यह पूरी घटना मनगढ़ंत थी, जिसे युवक ने स्वयं कर्ज और मानसिक तनाव के चलते रचा था।
क्या था मामला : सात फरवरी 2026 को वादी संजय चौधरी द्वारा थाना रुधौली में सूचना दी गई कि उनका 22 वर्षीय भाई सोनू चौधरी दिनांक 06 फरवरी 2026 की रात्रि कोहरा नहर पुलिया के पास से लापता हो गया है। सोनू ने अपनी मंगेतर अंशिका को फोन कर बताया था कि 5–6 अज्ञात व्यक्तियों ने उसे घेरकर मारपीट की है और अपहरण कर ले जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल मु.अ.सं. 21/2026, धारा 140(3) BNS के तहत अभियोग पंजीकृत कर जांच प्रारंभ की।
पुलिस विवेचना में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक रुधौली के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निम्न तथ्य प्रकाश में आए।
ऑटो चालक का बयान: तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि सोनू चौधरी ने स्वयं ऑटो चालक गुलाम हुसैन अंसारी को फोन कर बुलाया था, जिसने उसे घटनास्थल से लगभग 25 किलोमीटर दूर बस्ती के बड़े वन चौराहे पर छोड़ा।
सीसीटीवी फुटेज: कथित अपहरण के लगभग 55 मिनट बाद सोनू चौधरी को बस्ती शहर में सुरक्षित अवस्था में पैदल चलते हुए सीसीटीवी कैमरों में देखा गया।
परिवहन साक्ष्य: बस संख्या UP78 KN 0179 के चालक एवं परिचालक ने पुष्टि की कि सोनू चौधरी उक्त बस में सवार होकर लखनऊ की ओर गया था।
खुद सामने आया युवक, कबूली साजिश
तलाश के दौरान सोनू चौधरी स्वयं थाना रुधौली उपस्थित हुआ और अपना स्वीकारोक्ति बयान दर्ज कराया। उसने बताया कि उसने कई लोगों से रुपये उधार ले रखे थे, जिसके कारण लगातार तगादा हो रहा था। पारिवारिक समस्याओं और कर्ज के चलते वह गहरे मानसिक तनाव में था। परेशानियों से बचने के लिए उसने अपनी मंगेतर को अपहरण की झूठी सूचना दी और अपनी कार व मोबाइल घटनास्थल पर छोड़कर ऑटो से बस्ती चला गया। इसके बाद वह अयोध्या गया, जहां उसने दो दिन राम लला के दर्शन किए और धर्मशाला में ठहरकर मानसिक शांति प्राप्त करने का प्रयास किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक विवेचना से यह स्पष्ट हो गया कि अपहरण की कोई वास्तविक घटना घटित नहीं हुई थी। युवक ने केवल अपनी निजी परेशानियों से बचने और समय लेने के उद्देश्य से यह झूठी कहानी गढ़ी थी। प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
