लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। UGC प्रावधानों में संशोधन की मांग को लेकर विधानसभा के सामने धरना-प्रदर्शन करने वाले सुहेल देव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी और लगभग 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई हजरतगंज थाने में की गई है। पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन प्रतिबंधित क्षेत्र में किया गया था, जहां पहले से निषेधाज्ञा लागू थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा के गेट के पास नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।
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विधानसभा गेट के पास किया गया प्रदर्शन
FIR में दर्ज जानकारी के मुताबिक, 7 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे सुहेल देव आर्मी और मार्शल समाज संगठन के कार्यकर्ता विधानसभा गेट नंबर-1, 2 और 3 की ओर जाने वाले मार्गों पर एकत्र हुए। योगेश पासी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी हाथों में संगठन के झंडे, पोस्टर और बैनर लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हो गए। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान UGC कानून में संशोधन को लेकर नारेबाजी की गई और वहीं बैठकर धरना दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने अपशब्दों का भी प्रयोग किया।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
हजरतगंज थाने में दर्ज FIR के अनुसार, योगेश पासी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 189(2), 191(2), 223, 285 और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं सरकारी आदेशों की अवहेलना, अवैध रूप से एकत्र होने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से जुड़ी हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा लोकभवन वीवीआईपी सुरक्षा क्षेत्र में आता है, जहां किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
निषेधाज्ञा के बावजूद प्रदर्शन
जिस स्थान पर यह प्रदर्शन किया गया, वहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। इसके बावजूद बिना अनुमति प्रदर्शन करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को पहले ही हटने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने आदेशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की गई।
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UGC नियमों को लेकर बढ़ता विरोध
गौरतलब है कि UGC के नए प्रावधानों को लेकर हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में विरोध देखने को मिला है। इससे पहले कथित तौर पर सामान्य वर्ग से जुड़े संगठनों ने भी अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए थे। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगा रखी है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है। इसके बावजूद विभिन्न संगठन अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं।
पुलिस का रुख सख्त
लखनऊ पुलिस ने साफ किया है कि वीवीआईपी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।
