लोन होगा सस्ता या नहीं? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज बताएंगे MPC मीटिंग का बड़ा फैसला

rbi pti 1 1770344879

Repo Rate : देश के करोड़ों कर्जदारों और निवेशकों की नजरें आज भारतीय रिजर्व बैंक पर टिकी हुई हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार को मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की अहम बैठक के फैसलों का ऐलान करेंगे। यह बैठक बुधवार से शुरू हुई थी और तीन दिनों तक चली। आज आने वाले फैसलों से यह तय होगा कि आने वाले समय में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन सस्ते होंगे या नहीं। यह एमपीसी बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्र सरकार ने हाल ही में आम बजट पेश किया है और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। इन दोनों फैक्टर्स की वजह से बाजार की धारणा मजबूत बनी हुई है।

ये भी पढ़े

इटावा के मौलाना का विवादित बयान, यूपी छोड़कर बंगाल जाने की अपील-वीडियो वायरल

 

रेपो रेट पर क्या रहेगा RBI का रुख

ज्यादातर आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार RBI रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा। अनुमान है कि रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा जाएगा। अगर ऐसा होता है, तो बैंकों द्वारा दी जाने वाली कर्ज की ब्याज दरों में भी कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अगर RBI आर्थिक विकास को और गति देना चाहता है, तो वह सीमित कटौती का विकल्प भी चुन सकता है। लेकिन फिलहाल महंगाई नियंत्रण में है और ग्रोथ संकेतक भी मजबूत नजर आ रहे हैं।

पिछले साल कितनी कटौती हुई थी

आरबीआई ने पिछले साल ब्याज दरों को लेकर काफी सक्रिय रुख अपनाया था। साल भर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी। फरवरी और अप्रैल में 0.25-0.25 प्रतिशत की कटौती की गई, जबकि जून में 0.50 प्रतिशत की बड़ी कटौती देखने को मिली। दिसंबर में एक बार फिर 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई, जिसके बाद रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर आ गया। अगस्त और अक्टूबर की बैठकों में केंद्रीय बैंक ने दरों को स्थिर रखा था।

एक्सपर्ट्स की राय

बीओएफए ग्लोबल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI का दर कटौती चक्र फिलहाल अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापार समझौतों से विकास को लेकर निश्चितता बढ़ी है और हाई-फ्रीक्वेंसी आर्थिक संकेतक सकारात्मक बने हुए हैं। रिपोर्ट यह भी कहती है कि RBI अब ब्याज दरों के बजाय तरलता प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान दे सकता है, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।

ये भी पढ़े

जो रब है वही राम… की दरगाह पर एक हिंदू का तिलक धुललावा, मामला संगीन

 

आम आदमी पर क्या होगा असर

अगर रेपो रेट स्थिर रहता है, तो मौजूदा लोन की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं, अगर कोई कटौती होती है, तो नए कर्ज लेने वालों को राहत मिल सकती है।

 

 

 

 

 

EMI
Business homeslider

महंगाई का डबल अटैक! बढ़ सकती है EMI और रोजमर्रा का खर्च, क्या करे…मिडिल क्लास

EMI देश में महंगाई एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ाने लगी है। पेट्रोल-डीजल, गैस, बिजली और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब सीधे मिडिल क्लास की जेब पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने […]

Read More
Petrol
Business homeslider

ग्लोबल फ्यूल संकट गहराया, दुनिया के कई देशों में पेट्रोल के दाम बेकाबू

भारत समेत दुनिया भर में महंगा हुआ पेट्रोल, आम आदमी पर बढ़ा बोझ Petrol दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर भारी असर डालना शुरू कर दिया है। भारत में बीते एक हफ्ते के अंदर पेट्रोल-डीजल के दाम दो बार में कुल 4 रुपये बढ़ चुके हैं, […]

Read More
Untitled 4 copy
Business homeslider

आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, लगातार महंगाई से जनता परेशान

 पेट्रोल-डीजल प्राइस हाइक: लगातार बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता Petrol-Diesel देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। कच्चे तेल के दामों में तेजी और वैश्विक तनाव के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। पिछले पाँच दिनों में दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी से […]

Read More