तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच आज होने जा रही अहम परमाणु वार्ता से ठीक पहले ईरान ने फारस की खाड़ी में बड़ा कदम उठाया है। ईरानी सुरक्षा बलों ने कथित ईंधन तस्करी में शामिल दो विदेशी तेल टैंकर जब्त कर लिए हैं, जिनमें भारी मात्रा में डीजल भरा हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन टैंकरों की राष्ट्रीयता या उन पर लगे झंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
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बुशहर ले जाए गए दोनों टैंकर
ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना के क्षेत्रीय कमांडर जनरल हैदर होनारियन मोजर्रद ने बताया कि दोनों टैंकरों में करीब 10 लाख लीटर डीजल (लगभग 6,300 बैरल) लदा हुआ था। इन जहाजों को फारसी द्वीप के पास पकड़ा गया और सुरक्षा जांच के लिए बुशहर बंदरगाह ले जाया गया है।
चालक दल के 15 सदस्य न्यायिक हिरासत में
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों टैंकरों पर सवार 15 लोगों को हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत पूछताछ की जा रही है। हालांकि अब तक उनकी नागरिकता का खुलासा नहीं किया गया है। ईरान इससे पहले भी ईंधन तस्करी के आरोपों में कई विदेशी जहाज जब्त कर चुका है।
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आज होगी अमेरिका-ईरान की अहम न्यूक्लियर बैठक
इसी बीच आज (शुक्रवार) ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिका और ईरान के बीच बेहद महत्वपूर्ण परमाणु वार्ता होने जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल होंगे। वार्ता का मुख्य फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रहेगा, जिसमें 2015 की JCPOA परमाणु डील को बहाल करने या नई संधि पर सहमति की कोशिश की जा सकती है।
बढ़ते तनाव के बीच बेहद अहम बातचीत
बीते कुछ महीनों में अमेरिका और ईरान के रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ा है। ट्रंप प्रशासन ने जहां सैन्य दबाव बनाए रखा है, वहीं दोनों देशों ने कूटनीतिक समाधान के लिए बातचीत का रास्ता भी खोला है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बैठक मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम साबित हो सकती है।
