Up : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम राजनीतिक और सांस्कृतिक फैसला लेते हुए प्रदेश की दो ग्राम पंचायतों के नाम बदलने को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय न सिर्फ प्रशासनिक बदलाव का संकेत देता है, बल्कि सरकार की उस नीति को भी दर्शाता है, जिसमें स्थानीय पहचान, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत उरमुरा किरार को अब ‘हरिनगर’ के नाम से जाना जाएगा। वहीं, हरदोई जिले के विकासखंड भरावन की ग्राम पंचायत हाजीपुर का नाम बदलकर ‘सियारामपुर’ कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन नामों से स्थानीय लोगों की भावनाएं और सांस्कृतिक जुड़ाव अधिक मजबूती से सामने आएगा।
यूपी सरकार ने इस फैसले की आधिकारिक जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से साझा की। पोस्ट में स्पष्ट किया गया कि दोनों नाम परिवर्तन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। प्रशासनिक जानकारों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए इस तरह की घोषणाएं सरकार की पारदर्शी कार्यशैली और त्वरित संवाद का उदाहरण हैं। गौर करने वाली बात यह है कि हरदोई जिले में नाम परिवर्तन को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं। लगभग एक महीने पहले हरदोई जिले का नाम बदलकर ‘प्रहलाद नगरी’ करने का प्रस्ताव सामने आया था। यह पहल प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के आग्रह पर शुरू हुई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस पर औपचारिक प्रक्रिया शुरू की।
डीएम अनुनय झा ने इस प्रस्ताव पर लोकसभा सांसदों, विधानसभा विधायकों और जिला पंचायत अध्यक्ष से राय मांगी थी। उद्देश्य यह था कि सभी जनप्रतिनिधियों के विचारों को एकत्र कर शासन तक भेजा जाए। इससे यह साफ होता है कि सरकार नाम परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। सिर्फ पंचायतों के नाम बदलना ही नहीं, बल्कि योगी सरकार राजधानी लखनऊ को भी एक नई सांस्कृतिक पहचान देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में सात भव्य प्रवेश द्वार बनाने की योजना को गति देने के निर्देश दिए हैं। इन द्वारों के माध्यम से राजधानी में प्रवेश करते ही प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलेगी।
प्रस्तावित संगम द्वार, नंदी-गंगा द्वार, सूर्य द्वार, व्यास द्वार, धर्म द्वार, कृष्ण द्वार और शौर्य द्वार उत्तर प्रदेश की धार्मिक, पौराणिक और वीर परंपराओं को दर्शाएंगे। प्रयागराज, काशी, अयोध्या, मथुरा और बुंदेलखंड की झलक इन द्वारों में देखने को मिलेगी।
