- चमक जाएगा आपका चेहरा और खिल उठेगा यौवन
- दिमागी रूप से दुरुस्त रहने के लिए रोज जरूरी है सेक्स
लखनऊ। यदि आपको भी लगता है कि आपकी पार्टनर आपका साथ नहीं देती है तो सावधान। वो डिप्रेशन की तरफ जा रही है। अभी समय है उसे समय दीजिए और रोज सेक्स करिए। इससे वो न केवल खिल उठेगी, वरन आप भी फिट हो जाएंगे। आपके शरीर के भी कई अंग ठीक से काम करने लगेंगे। चिकित्सकों का कहना है कि रोज सेक्स करने से हार्ट हेल्थ से साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक हो जाता है। वहीं सेक्स न करने से आप या आपका पार्टनर कोई भी डिप्रेशन में जा सकता है। इसके अलावा कई और बीमारियां आपको घेर सकती हैं।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग काम, तनाव या अन्य कारणों से सेक्सुअल एक्टिविटी को काफी कम कर देते हैं या पूरी तरह से छोड़ देते हैं। हालांकि सेक्स एक प्राकृतिक शारीरिक आवश्यकता है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित होती है। नियमित सेक्स या मास्टरबेशन से एंडोर्फिन्स, ऑक्सीटोसिन और डोपामाइन जैसे हार्मोन रिलीज होते हैं, जो खुशी, तनाव कम करने और बॉन्डिंग में मदद करते हैं। लेकिन लंबे समय तक सेक्स न करने से शरीर और दिमाग पर कुछ नकारात्मक असर पड़ सकते हैं। ये प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों से कुछ सामान्य नुकसान सामने आए हैं।
तनाव और चिंता का बढ़ना
सेक्स तनाव कम करने का प्राकृतिक तरीका है। यह कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) को कम करता है और ऑक्सीटोसिन बढ़ाता है। सेक्स की कमी से तनाव, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स और नींद की समस्या बढ़ सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि कम सेक्सुअल एक्टिविटी से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, खासकर रिलेशनशिप में।

इम्यून सिस्टम कमजोर होना
नियमित सेक्स से इम्यूनोग्लोबुलिन A (IgA) जैसे एंटीबॉडी बढ़ते हैं, जो संक्रमण से बचाते हैं। कुछ रिसर्च में देखा गया कि हफ्ते में 1-2 बार सेक्स करने वाले लोगों में इम्यूनिटी बेहतर रहती है। लंबे समय तक abstinence से इम्यून रिस्पॉन्स थोड़ा कमजोर हो सकता है, जिससे बीमार पड़ने की संभावना बढ़ती है।

आत्मविश्वास और सेल्फ-इमेज में कमी
सेक्स से डोपामाइन रिलीज होता है, जो खुशी और आत्मविश्वास बढ़ाता है। कमी से उदासी, संकोच और खुद पर कम भरोसा हो सकता है। रिलेशनशिप में यह दूरी बढ़ा सकता है, जिससे भावनात्मक असंतोष होता है।

त्वचा का बेजान दिखना
सेक्स से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और एंडोर्फिन्स से स्किन ग्लो बढ़ता है। लंबे समय तक कमी से त्वचा डल, सूखी और कम निखरी दिख सकती है, हालांकि यह मुख्य रूप से हार्मोनल बदलाव से जुड़ा है।

ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा
2006 के एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित सेक्स करने वालों में ब्लड प्रेशर कम रहता है। सेक्स हल्की एक्सरसाइज की तरह काम करता है, जो हार्ट हेल्थ सुधारता है। कमी से हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क थोड़ा बढ़ सकता है, खासकर उम्रदराज लोगों में।

रिलेशनशिप में दूरियां और फ्रस्ट्रेशन
सेक्स की कमी से पार्टनर के बीच भावनात्मक और शारीरिक दूरी बढ़ सकती है। फ्रस्ट्रेशन से बाहर संबंधों की ओर ध्यान जा सकता है, खासकर लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप में।

प्रोस्टेट कैंसर का संभावित खतरा
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बड़े अध्ययन (2016) में पाया गया कि महीने में 21 बार या ज्यादा स्खलन करने वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क 20-30% कम होता है। कम स्खलन से प्रोस्टेट में कुछ पदार्थ जमा हो सकते हैं, जो रिस्क बढ़ा सकते हैं। हालांकि, यह केवल पुरुषों पर लागू है।

महिलाओं में योनि की ड्राईनेस और मसल्स कमजोर
लंबे समय तक सेक्स न करने से योनि की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और लुब्रिकेशन कम होता है, जिससे ड्राईनेस और दर्द की समस्या हो सकती है (खासकर मेनोपॉज के आसपास)। ध्यान दें कि ये प्रभाव हर किसी पर नहीं पड़ते। कई लोग celibacy चुनकर भी स्वस्थ रहते हैं। अगर सेक्स की कमी से कोई समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर या काउंसलर से बात करें। स्वस्थ जीवन के लिए बैलेंस्ड डाइट, एक्सरसाइज और अच्छी नींद भी जरूरी हैं।
