Who is Ayush Badoni: भारतीय क्रिकेट में कई बार मौके अचानक मिलते हैं और जो खिलाड़ी तैयार होता है, वही इतिहास रचता है। आयुष बदोनी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में वाशिंगटन सुंदर की चोट ने बदोनी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे खोल दिए हैं।
पहले वनडे मुकाबले के दौरान सुंदर गेंदबाजी करते समय चोटिल हो गए थे, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन्हें सीरीज से बाहर कर दिया। इसके बाद चयनकर्ताओं ने आयुष बदोनी को उनके रिप्लेसमेंट के रूप में भारतीय स्क्वाड में शामिल किया।
पहाड़ों से मैदान तक की कहानी
हालांकि आयुष बदोनी का जन्म दिल्ली में हुआ, लेकिन उनकी जड़ें उत्तराखंड से जुड़ी हैं। उनका परिवार देवप्रयाग क्षेत्र के सिलोड़ गांव से आता है। दिल्ली में पले-बढ़े आयुष ने वहीं क्रिकेट की बारीकियां सीखीं और अपने खेल को निखारा।
मेहनत और परिवार का साथ
आयुष के पिता विवेक बदोनी ने बेटे के क्रिकेट सपने को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने शुरुआती दिनों में खुद ही कोच बनकर आयुष को ट्रेनिंग दी। घर की छत पर नेट लगाकर रोज अभ्यास कराया गया। वहीं, उनकी मां विभा बदोनी ने पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद की।
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घरेलू क्रिकेट में मजबूत पकड़
दिल्ली की ओर से खेलते हुए आयुष ने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। वह एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में उभरे जो मध्यक्रम में जिम्मेदारी निभाने के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकता है।
IPL से मिली राष्ट्रीय पहचान
IPL 2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें मौका दिया, जहां उन्होंने सीमित अवसरों में भी अपनी उपयोगिता साबित की। इसके बाद से वह टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए। IPL 2026 में मिलने वाली मोटी रकम उनके बढ़ते कद का प्रमाण है।
आंकड़ों में झलकता आत्मविश्वास
टी20, लिस्ट A और फर्स्ट क्लास—तीनों फॉर्मेट में आयुष बदोनी ने लगातार प्रदर्शन किया है। रन बनाने के साथ-साथ विकेट लेने की क्षमता उन्हें एक परफेक्ट ऑलराउंडर विकल्प बनाती है, जो किसी भी टीम के लिए अहम होता है।
अब जब उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि आयुष बदोनी इस मौके को किस तरह भुनाते हैं। क्रिकेट प्रेमियों को उनसे लंबे और सफल करियर की उम्मीद है।
