Entertainment : ‘मिर्जापुर’ सिर्फ एक वेब सीरीज नहीं, बल्कि भारतीय OTT की सबसे चर्चित फ्रैंचाइज़ में से एक बन चुकी है। अब इसके मेकर्स इस कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी में हैं, लेकिन एक अहम शर्त के साथ—यह फिल्म वेब सीरीज का अगला अध्याय नहीं होगी।
प्रोडक्शन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ‘मिर्जापुर-द फिल्म’ को शुरू से ही एक फीचर फिल्म की तरह डिजाइन किया गया है। इसकी कहानी भले ही उसी क्राइम यूनिवर्स से जुड़ी हो, लेकिन इसका नैरेटिव, स्क्रीनप्ले और टेम्पो पूरी तरह थिएटर ऑडियंस के हिसाब से तय किया गया है।
फिल्म की शूटिंग अक्टूबर 2025 में बनारस से शुरू होना अपने आप में एक संकेत है। बनारस मिर्जापुर की जड़ों का प्रतीक है—वही भाषा, वही संस्कृति और वही सामाजिक तनाव। मेकर्स ने इस शहर को सिर्फ लोकेशन की तरह इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि इसे कहानी का अहम किरदार बनाया है। इसके बाद जैसलमेर में हुआ शूट फिल्म के स्केल को नई ऊंचाई देता है। विशाल रेगिस्तानी दृश्य, खुले फ्रेम और बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्म को एक सिनेमाई पहचान देते हैं, जो वेब सीरीज के सीमित फ्रेम से अलग है। अंतिम शेड्यूल मुंबई में शूट किया गया, जहां कहानी का भावनात्मक और ड्रामेटिक निष्कर्ष तैयार किया गया।
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फिल्म का एक बड़ा अंतर इसका CBFC सर्टिफिकेशन है। जहां वेब सीरीज में भाषा और हिंसा को लेकर अधिक स्वतंत्रता होती है, वहीं फिल्म में इन तत्वों को संतुलित रखा गया है। इससे यह साफ होता है कि मेकर्स केवल लोकप्रियता नहीं, बल्कि सिनेमाई अनुशासन को भी महत्व दे रहे हैं। किरदारों की बात करें तो जीतेंद्र का रोल पूरी तरह नया है, लेकिन उसमें वही भावनात्मक गहराई होगी, जो कभी बबलू पंडित के किरदार में देखने को मिली थी। वहीं मोहित मलिक का निगेटिव किरदार कहानी में नया टकराव और इंटेंसिटी जोड़ने वाला है।
जहां तक ‘मिर्जापुर’ सीजन 4 की बात है, उसकी कहानी पर काम चल रहा है, लेकिन शूटिंग और रिलीज को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इतना तय है कि सीजन 4 इस फ्रैंचाइज़ का आखिरी अध्याय होगा।
मेकर्स का उद्देश्य साफ है—‘मिर्जापुर’ को सिर्फ OTT की पहचान तक सीमित न रखकर, उसे बड़े पर्दे की एक मजबूत सिनेमाई फ्रैंचाइज़ के रूप में स्थापित करना।
