देहरादून। पार्टी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने स्पष्ट किया कि अंकिता हत्याकांड में सरकार ठोस साक्ष्यों के आधार पर किसी भी प्रकार की जांच के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने हालिया घटनाक्रम में बैनर फाड़ने, तोड़फोड़ और अभद्रता की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इंसाफ के नाम पर शुरू किया गया आंदोलन अब राजनीतिक अराजक तत्वों के प्रभाव में आता दिख रहा है। पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में नरेश बंसल ने कहा कि अंकिता हत्याकांड जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय पर विपक्ष और कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोग तथ्यहीन आरोप लगाकर वातावरण खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि घटना सामने आते ही त्वरित कार्रवाई की गई, महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित हुई और सभी पुख्ता साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए गए। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली और मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में अपीलाधीन है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई भी प्रामाणिक साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों या न्यायालय के समक्ष लाया जाए। बिना सबूतों के मुद्दे को उछालना न्याय प्रक्रिया और दिवंगत बेटी अंकिता—दोनों के साथ अन्याय है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी और प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक भी मौजूद रहे।
अंकिता मामले की सीबीआई व वीआईपी की शिनाख्त को लेकर प्रदेश में हर रोज प्रदर्शन व मशाल जुलूस निकल रहे हैं।
भाजपा के पूर्व सीएम तीरथ रावत ने भी जनभावनाओं के अनुरूप सीबीआई जांच की बात कही है। पूर्व प्रवक्ता वीरेंद्र बिष्ट ने भी सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी की फजीहत हो रही है। इससे पूर्व त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मंत्री विजया बड़थ्वाल समेत अन्य नेता भी अंकिता को न्याय देने की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया में भो यह मुद्दा जोर पकड़ चुका है। इधऱ, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर को भी पुलिस तलाश नहीं पाई है।
