उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही गांव वालों ने खुद मस्जिद को गिरा दिया। यह घटना संभल के सलेमपुर सलार गांव की है, जहां आधी रात को हथौड़े और औजार लेकर मस्जिद कमेटी के लोग पहुंचे और पूरी संरचना को ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन को मिली शिकायत के मुताबिक, गांव में बनी मस्जिद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके वर्ष 2005 में बनाई गई थी। जांच के बाद जिला प्रशासन ने मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी किया और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। सुनवाई के बाद प्रशासन ने मस्जिद हटाने के लिए 3 जनवरी तक की मोहलत दी थी। तय योजना के अनुसार 4 जनवरी सुबह 10 बजे तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 31 अधिकारियों की टीम, भारी पुलिस बल, पीएसी और आरआरएफ के जवानों के साथ मौके पर पहुंचने वाली थी। बुलडोजर कार्रवाई की पूरी तैयारी थी और तीन बुलडोजर भी तैनात किए गए थे।
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लेकिन इससे पहले ही गांव में असाधारण दृश्य देखने को मिला। आधी रात को मस्जिद कमेटी के लोगों ने खुद ही मस्जिद को गिराना शुरू कर दिया। सुबह जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची तो वहां मस्जिद का नामोनिशान तक नहीं बचा था। तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन की सख्ती और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के चलते अवैध कब्जा करने वालों ने स्वयं निर्माण हटाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी भी तरह का टकराव टालना था और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता रही।
हालांकि, इस पूरे मामले में गांव का कोई भी व्यक्ति मीडिया से बात करने को तैयार नहीं है। गांव में चुप्पी का माहौल है और लोग कैमरे से दूरी बनाए हुए हैं। प्रशासन अब जमीन की दोबारा पैमाइश कर सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया में जुट गया है।
