अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में शिक्षक राव दानिश अली की हत्या ने न सिर्फ विश्वविद्यालय प्रशासन बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि जिस दिन यह सनसनीखेज वारदात हुई, उस दिन पूरे परिसर में करीब 56 सीसीटीवी कैमरे बंद थे। पुलिस इसे महज संयोग मानने को तैयार नहीं है और हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
शनिवार को एसएसपी नीरज जादौन ने एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून से मुलाकात कर इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हर बड़ी आपराधिक घटना के बाद सीसीटीवी खराब होने का तर्क सामने आना चिंता का विषय है। एसएसपी ने यह भी बताया कि कुछ छात्र आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बावजूद विश्वविद्यालय स्तर पर उन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बैठक में परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग, रणनीतिक स्थानों पर आईपी सिस्टम वाले सीसीटीवी लगाने और पुलिस कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की योजना पर सहमति बनी। कुलपति ने पुलिस को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा।
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वीडियो वायरल होने पर जांच
हत्या की वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें बदमाश गोली मारते नजर आ रहे हैं। पुलिस और एएमयू प्रशासन ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब अधिकांश कैमरे बंद थे, तो यह वीडियो बाहर कैसे आया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वीडियो साजिश के तहत वायरल किया गया या नहीं। यदि इसमें किसी एएमयू कर्मी की भूमिका सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुराने कैमरे दुरुस्त, नए कैमरों का सर्वे
एएमयू प्रशासन ने पुलिस की आपत्ति के बाद तत्काल पुराने सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराने का फैसला लिया है। प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली के अनुसार, परिसर में लगे 110 से अधिक कैमरे आठ से दस साल पुराने हैं, जिनमें कई की वायरिंग और तकनीकी प्रणाली खराब हो चुकी है। नई जगहों पर कैमरे लगाने के लिए सर्वे कराया जाएगा और सुरक्षाकर्मियों को वायरलेस सिस्टम देने का प्रस्ताव भी है।
पुराने विवादों की परतें खुलीं
एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली (45) की हत्या की जांच में पुलिस को कई पुराने विवादों के सुराग मिले हैं। बुधवार शाम एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। उस समय दानिश अपने साथियों इमरान और भोलू के साथ टहल रहे थे।
पुलिस जांच में यूनियन स्कूल के पास एक नाबालिग छात्र से विवाद, एक ठेकेदार से झगड़ा, छात्र राजनीति के दौरान अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाने और एक दंपती विवाद में हस्तक्षेप करने जैसे मामले सामने आए हैं। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर पुलिस दिल्ली तक संदिग्धों की तलाश कर रही है।
लॉरेंस गैंग एंगल पर भी नजर
हत्या के तरीके को देखते हुए पुलिस इसे प्रोफेशनल अपराधियों का काम मान रही है। कुछ संदिग्ध अलीगढ़ के रहने वाले हैं और दिल्ली में सक्रिय बताए जा रहे हैं। लॉरेंस ग्रुप से जुड़े होने की आशंका पर भी पुलिस की नजर है। इसके अलावा दूसरे जिलों में तैनात पुराने तेज-तर्रार पुलिस अफसरों को भी इनपुट जुटाने में लगाया गया है।
