पटना में बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को रात के अंधेरे में खाली किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यदि आवास खाली करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार थी, तो यह काम दिन के उजाले में क्यों नहीं किया गया।
दरअसल, राज्य में नई सरकार के गठन के बाद भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। 25 नवंबर को नोटिस जारी किया गया था, जिसकी अवधि 25 दिसंबर को पूरी हुई। विभाग ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड स्थित नया आवास भी आवंटित कर दिया है। बुधवार देर रात 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर अचानक हलचल तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक, आधी रात के आसपास चार से पांच गाड़ियों में सामान बाहर निकाला गया। इस दौरान मुख्य रूप से गार्डन से जुड़े पौधे, फूलों के गमले और अन्य सामग्री को छोटे ट्रकों और टेंपो में लादकर गोला रोड स्थित एक गौशाला में अस्थायी रूप से रखा गया।
इस शिफ्टिंग की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। खास बात यह रही कि जिस समय सामान हटाया जा रहा था, उस दौरान लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव दोनों ही पटना से बाहर थे। वहीं, आरजेडी की ओर से इस शिफ्टिंग को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
इधर, बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवालों की झड़ी लगा दी है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अगर सब कुछ पारदर्शी था, तो दिन में मीडिया और जनता के सामने आवास खाली करने में क्या परेशानी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संपत्ति का वर्षों तक दुरुपयोग किया गया और अब सवालों से बचने के लिए रात में सामान हटाया गया।
नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि लालू परिवार दिन के उजाले में जवाब देने से बचता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि कुछ ऐसा था जिसे छिपाने के लिए अंधेरे का सहारा लिया गया। अपने बयान के अंत में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “ध्यान रखिएगा, टोंटी खोलकर नहीं ले जाइएगा।”
