- निवेश का झांसा देकर सेवानिवृत्त बैंककर्मी से 1.04 करोड़ की ठगी, मुकदमा दर्ज
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। गोरखपुर जिले में शेयर बाजार में अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने एम्स थाना क्षेत्र के एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से एक करोड़ चार लाख 58 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। गायत्रीनगर के जितेंद्र बहादुर सिंह ने साइबर थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से “सी-307 फायर नेस्ट ग्रुप” नामक एक ग्रुप से संदेश आया। इसमें दावा किया गया कि यदि वह उनके डीएमए (डायरेक्ट मार्केट एक्सेस) खाते से आईपीओ और शेयर खरीदते हैं तो कम ब्रोकरेज और बाजार से कम रेट पर शेयर मिलेंगे। साथ ही शेयर कब खरीदना और कब बेचना है, इसकी विशेषज्ञ सलाह देंगे।
पीड़ित ने बताया कि ग्रुप में दिए गए लिंक के माध्यम से उन्होंने एक मोबाइल एप डाउनलोड किया। इसके बाद एक नंबर से कॉल आने लगी। कॉल करने वाली महिला खुद को फायर एप की सहायक बताती थी। उसने ने अपना नाम नैना वर्मा बताया, लगातार कॉल और मैसेज करने लगी। महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने को कहा ताकि आईपीओ और शेयर खरीदे जा सकें। 31 अक्तूबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने बैंक ऑफ इंडिया के अपने खातों से विभिन्न कंपनियों और फर्मों के नाम पर आरटीजीएस के जरिये कुल 1,04,58,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खातों में भेजी गई।
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने निवेश की गई रकम वापस निकालने की कोशिश की तो ठगों ने बताया कि उनका खाता फ्रीज हो गया है और पैसा निकालने के लिए 30 लाख रुपये ब्रोकरेज देना होगा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत ऑनलाइन साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि वह बैंक ऑफ इंडिया से चीफ मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हैं और ठगों ने उनकी जीवनभर की जमा पूंजी हड़प ली है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल नेलोगों से अपील है कि वे शेयर और निवेश से जुड़े किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या लिंक से सावधान रहें और किसी के कहने पर पैसा ट्रांसफर न करें।
