- ठिठुरती सर्दी में इंसानियत और रहमदिली की मिसाल कायम की
- बेसहारा लोगों को कंबल ओढ़ाकर यूपी पुलिस का बढ़ाया मान
- पुलिस के हाथों कंबल मिलते ही बेसहारा लोगों ने दी दुआएं
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। वैसे तो गाहे-बगाहे पुलिस पर अंगुलियां उठती रहती है कि खाकी वर्दी वाले बेरहम होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कुछ ऐसे भी पुलिसकर्मी हैं जो गरीब मजलूमों की खैरख्वाह बनने के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं।
बताते चलें कि इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह दो दिन पहले दल-बल के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे कि इसी दौरान उनकी निगाह कुछ ऐसे लोगों पर पहुंची तो देखा कि सड़क किनारे कड़ाके के ठंड में कुछ लोग कंपकंपा रहे हैं। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह उस कुछ नहीं बोले, लेकिन उनके अंदर की आत्मा पुकारने लगी कि विक्रम सिंह कुछ कर दिखाओ।

इसके बाद वह करीब साढ़े तीन सौ कंबल ख़रीदा। अपने इंस्पेक्टर के हाथों कंबल देख मातहत भी खुश हुए। सूबे की राजधानी के हजरतगंज और आसपास बच्चे, बूढ़े और महिलाएं भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले कईयो ठिठुरन भरी सर्दी से कंपकंपा रहे थे कि इसी दौरान इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह मानों उनके लिए एक फ़रिश्ते की तरह उनके सामने खड़े हुए तो ठंड से कंपकंपा रहे लोगों के चेहरे खिल उठे। सड़क किनारे फुटपाथ पर बैठे गरीब मजलूमों को इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने जैसे ही उन्हें गर्म कंबल ओढ़ाया तो उनके आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े।
कंबल मिलते ही गरीब मजलूमों ने इंस्पेक्टर सहित सभी पुलिसकर्मियों को खूब दुआएं दी। वहीं इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने गरीब बेसहारा लोगों को कंबल बांटकर मानो पुलिस महकमे का मान बढ़ाया। वैसे तो अक्सर यूपी पुलिस के लिए अंगुलियां उठती रहती हैं, लेकिन इन्हीं में कुछ ऐसे भी पुलिसकर्मी हैं जो अपनी कमाई का दस प्रतिशत गरीब मजलूमों में भी खर्च करते हैं जैसे कि इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने गरीब बेसहारा लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आए।
